भारत-ऑस्ट्रेलिया साहित्य सेतु समिति का गठन 

खबर -नासिर अब्बास
आगरा। ताजनगरी के कवि अनिल कुमार शर्मा ने अपने अल्प ऑस्ट्रेलिया प्रवास पर सिडनी के उपनगर बरीम्बा में अपने पुत्र के मुकाम पर सिडनी में स्थाई रूप से रह रहे और अल्प-प्रवास पर आए हिंदी साहित्यकारों को आमंत्रित कर एक समिति  भारत-ऑस्ट्रेलिया साहित्य सेतु का गठन किया। बैठक में तय किया गया कि ऑस्ट्रेलिया में स्थाई रूप से रह रहे व अल्प प्रवास पर आते रहने वाले हिंदी साहित्यकारों के बीच समय समय पर साहित्यिक विचार विमर्श एवं काव्यगोष्ठी भारत व आस्ट्रेलिया में आयोजित की जाए। इसे फेसबुक पर लाइव प्रसारित करने का भी निर्णय लिया गया ताकि भारत व आस्ट्रेलिया में फेसबुक पर लोग देख सकें और सहभागी हो सकें। बैठक के प्रारम्भ में पूर्व प्रधान मंत्री अटल जी व महाकवि नीरज जी व मोहनलाल अग्रवाल जी को श्रद्धांजलि दी गई। तत्पश्चात आगरा के कवि अनिल कुमार शर्मा द्वारा गुरु वंदना प्रस्तुत कर गोष्ठी का संचालन करते हुए सभी का काव्यमय स्वागत किया  व रचनाकारों को रचनापाठ के लिए आमंत्रित करना शुरू किया। सिडनी में रहकर इंडियन लिटरेरी एंड आर्ट सोसायटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया नामक संस्था की संयोजिका व हिन्दी की कवयित्री श्रीमती रेखा राजवंशी जी ने ग़ज़ल “दीप रातों  में जलाके रखिये…  सुनाकर समा बांधा।
कवि अब्बास रजा अल्वी ने संस्था के गठन के लिए अनिल कुमार शर्मा जी की सराहना की व इस हेतु आभार व्यक्त करते हुए अपनी  पहचान बन चुका गीत “पतंग’ प्रस्तुत किया जिसे सुनकर सभी के मन में अपनी मातृभूमि की यादें ताजा हो गईं। बुलंदशहर से सिडनी आ बसे गीतकार विजय कुमार सिंह ने अपने गीत संग्रह ‘संगिनी’ से एक गीत “इतनी जल्दी मत धीरज खो/मत यूँ तू हार अभी रे मन” सुनाया जिसे सुनकर श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए। देवास से सिडनी अल्प प्रवास पर आए व्यंग्यकार ओम वर्मा जी ने अपना व्यंग्य ‘स्वर्ग में कवि सम्मेलन’ के माध्यम से स्वर्गवासी हो चुके कुछ प्रसिद्ध कवियों की पहचान बन चुकी कविताओं की पैरोडी प्रस्तुत कर दाद पाई। देखें केदारनाथसिंह की कविता हाथ की पैरोडी- “उसके नोट/ अपनी जेब में भरते हुए/ वोटर ने सोचा / सियासत को/नोट की तरह गर्म और/ सुंदर होना चाहिए!”  दिल्ली से आईं कथाकार व कवयित्री रेखा द्वेवेदी ने कविता-अमलतास -सुनाकर प्रकृति से कुछ बिंब प्रस्तुत किए। स्थानीय एफ एम चैनल दर्पण रेडियो से प्रदीप उपाध्याय ने अपने प्रिय व्यंग्यकार के.पी. सक्सेना के व्यंग्य ‘लॉकर’ का अविकल रूप से मौखिक पाठ किया। सिडनी के सीनियर सिटीज़न फ़ोरम के संयोजक श्री देव पासी ने अपने रोचक संस्मरण सुनाए।अंत में स्थानीय हिन्दू समाज के अध्यक्ष श्री विजय व मधु जी ने व गिटारवादक मयंक सिंह व सोम्रता सरकार ने संगीत प्रस्तुति देकर सभी का मनोरंजन किया ।श्री लंका के अश्विन ,स्थानीय भारतीय राकेश माथुर , कांता माथुर ,फ़रीदा अल्वी ,पुष्पा उपाध्याय ,नेहा व श्रेयांश जैन , आँचल व नितिन माटा ने सभी का उतसाहवर्धन किया और आयोजक प्रतिभा शर्मा व अनिल कुमार शर्मा के पुत्र जयंत व पुत्रवधू दृश्या ने आभार व्यक्त किया।
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