नाटक का मंचन कर बुराईंयों को खत्म करने का दिया संदेश

आगरा। विजय दशमी के दिन देशभर में रावण के पुतले जलाए जाएंगे, लेकिन ताजनगरी के सारस्वत समाज में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को दशहरा पर्व को रावण के पुतला दहन के बजाय स्वयं के भीतर एवं समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर सुसंकल्प दिवस के रूप में मनाने का संकल्प दिलाया। हरीपर्वत चौराहे पर नटरांजलि थियेटर आट्र्स द्वारा बुराईंयों को खत्म करने का संदेश देते हुए नाटक का मंचन किया गया। नाटक अलका सिंह के निर्देशन में अपने भीतर के रावण को मारो का मंचन मदन मोहन शर्मा सारस्वत के संयोजन में किया गया। नुक्कड़ नाटक के मुख्य आयोजक मदन मोहन शर्मा ने कहा कि रावण का पूजन कर शिव भक्तों का अपमान रोका जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि रावण की भक्ति और शक्ति से सभी को सीख लेनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को रावण की अच्छाई, बुराई, ज्ञान, शक्ति और त्याग आदि की जानकारी हो सके। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अलका सिंह ने बताया कि रावण जैसा प्रखंड विद्वान महान वैज्ञानिक संगीत कला में परिपूर्ण कोई नहीं था। उमाकांत सारस्वत एडवोकेट ने कहा कि पुतला दहन करने वालों के खिलाफ  पुलिस कार्यवाही की मांग सारस्वत समाज एकजुट होकर करेगा और आज के इस कलयुग में मारना ही है तो अपने भीतर के रावण को मारो, रावण पर पहला तीर वो चलाएं जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम जैसा आचरण रखने वाला हो। विजयदशमी को शुभ संकल्प  दिवस के रूप में बनाना चाहिए, आयोजकों ने बताया कि हमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण बचाओ, यमुना स्वच्छता संकल्प दिवस के रूप में बनाना चाहिए। नुक्कड़ नाटक करने वालों में मुख्य रूप से मदन मोहन शर्मा, हर्ष शर्मा, अलका सिंह, उमाकांत सारस्वत, रचना माहौर, क्रिश जादौन, स्नेहा, विशेष, धीरज शर्मा, गुंजन आदि लोग उपस्थित रहे।

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