प्रभारी जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बी0पी0एम0, बी0सी0पी0एम0 एवं फार्मासिस्ट का वेतन रोकने के दिये निर्देश।

  प्रभारी जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फतेहपुर सीकरी का औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर व रोगी कल्याण समिति के माध्यम से किये गये व्यय का रजिस्टर सहित विभिन्न रजिस्टरों की गहनता से जांच की। उन्होंने आशाओं को भुगतान, जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान, ए0आर0वी0 एवं आयरन सुक्रोज इंजेक्शन की उपलब्धता, दवाओं की उपलब्धता आदि की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते  हुए कहा कि इंजेक्शन सहित जरूरी दवाओं की कमी होने पर रोगी कल्याण समिति के अन्तर्गत खरीदा जाय। कर्मचारियों का कार्य विभाजन लिखित रूप में नहीं करने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी श्री अजय विक्रम सिंह का वेतन रोकने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि अक्टूबर माह में आयरन सुक्रोज के 1800 इंजेक्शन प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 1700 इंजेक्शन शेष हैं एवं 100 इंजेक्शन गर्भवती महिलाओं को लगाया जा चुका है, इस पर प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि आयरन सुक्रोज के 100 इंजेक्शन जिन गर्भवती महिलाओं को लगायें गयें हैं, उन सभी महिलाओं का नाम मोबाईल नम्बर सहित उन्हें उपलब्ध कराया जाय।
    प्रभारी जिलाधिकारी ने कार्य में लापरवाही बरतने पर फर्मासिस्ट श्री आर0वी0 सिंह का वेतन रोकने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि आशा कर्मियों का भुगतान लम्बित नहीं हैं। यह भी बताया गया कि अप्रैल से अब तक 245 महिला व 03 पुरूषों की नशबन्दी की गयी है, इनमें 27 महिलाओं की नशबन्दी 16 दिसम्बर 2018 के कैम्प में किया गया है। अर्थात 16 दिसम्बर के पूर्व 221 नशबन्दी लाभार्थियों में 175 लाभार्थियों का ही भुगतान किये जाने पर प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि शेष 46 लाभार्थियों का भुगतान 04 दिन में नहीं किया गया तो बी0सी0पी0एम0, बी0पी0एम0 व स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी श्री पंकज जायसवाल को आगामी माह का वेतन देय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब आशा व ए0एन0एम0 गर्भवती महिलाओं की जांच हेतु प्रथम बार अस्पताल लेकर आयें उसी समय उनसे आधार कार्ड व बैंक पासबुक की फोटो कॉपी ले लिया जाय ताकि समय से जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का भुगतान हो सकें।
    प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है कि जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थी का भुगतान 15 दिन से अधिक न रूकने पाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये जायें कि किसी भी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ए0आर0वी0 की उपलब्धता 20 से कम न होने पाये। इस दौरान उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बी0पी0एम0, बी0सी0पी0एम0 एवं फार्मासिस्ट का वेतन रोकने के भी निर्देश दिये। एम्बुलेंस के निरीक्षण दौरान बताया गया कि 02 सिलेण्डरों में से केवल एक सिलेण्डर में ही गैस रहती है, इस पर उन्हांने गहरी नाराजगी प्रकट की।