Breaking News
Home / धर्म संस्क्रति / क्या है रक्षाबंधन का महत्व और कब रहेगा शुभ महूर्त

क्या है रक्षाबंधन का महत्व और कब रहेगा शुभ महूर्त

रक्षाबंधन पूरे विश्व में हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है । यह त्योहार भाई और बहनों के बीच प्यार, देखभाल और स्नेह के सुंदर संबंधों को दर्शाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई के चारों तरफ एक धागे को सुरक्षा के प्रतीक के रूप में बांधती है, और वह उसकी रक्षा और ख्याल रखने का वादा करता है। नेपाल में रक्षाबंधन को जनाई पूर्णिमा कहा जाता है. सभी भारतीय त्यौहारों की तरह, राखी के त्योहार से भी कई कहानियां जुडी हैं। तो आईये जानते है

रक्षाबंधन का महत्व –  रक्षाबंधन का महत्व किसी भी हिंदू के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है और अनमोल है यह हिंदुओं के सभी प्रमुख त्योहारों में से एक है और यह सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है यह त्यौहार अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग रस्मों रिवाजों के साथ साथ अलग-अलग नामों से मशहूर है और बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है|

रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले दोस्ती का त्यौहार मनाया जाता है जिसमें हम अपने दोस्तों को दोस्ती का धागा बांधते हैं जिसे फ्रेंडशिप बैंड कहा जाता है और इस दिन को इंग्लिश में (Friendship Day) भी कहा जाता है|

होली जाने के बाद रक्षाबंधन का यह त्यौहार आता है| इस दिन बहनें सुबह तैयार होकर राखी की थाली तैयार करती है और अपने भाइयों के दाहिनी कलाई पर राखी बांधती है| और तिलक और आरती करके उनकी लंबी उम्र की कामना भी करती हैं|वही भाई भी अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं और उन्हें भेंट में कोई ना कोई उपहार भी देते हैं| इस दिन घरों में पकवान जैसे भी समय घेवर और सेवई बनाई जाती है|

शादीशुदा बहने अपने भाई के घर आकर उन्हें राखी बांधती है लेकिन जो बहनें अपने भाइयों से बहुत ज्यादा दूर होती है और उन तक नहीं पहुंच सकती तो वह उन्हें Post या कोरियर के माध्यम से राखी भिजवाती है ताकि उनके भाइयों की कलाई रक्षा बंधन के दिन सूनी ना रह जाए|

आचार्य अनुपम परिहार

शुभ महूर्त –   इस साल यानी कि 2019 में रक्षाबंधन का त्यौहार 15 अगस्त यानी कि स्वतंत्रता दिवस वाले दिन ही है और इस दिन बृहस्पतिवार का दिन है| इससे पिछले साल यानी कि 2018 में रक्षाबंधन अगस्त महीने की 26 तारीख को रविवार के दिन मनाया गया था|

ज्योतिषियों आचार्य अनुपम परिहार ने बताया है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है। इसलिए पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा। कई ऐसे संयोग बनेंगे, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ जाएगा।  रक्षाबंधन पर लगभग 13 घंटे तक शुभ मुर्हूत रहेगा। जबकि दोपहर 1:43 से 4:20 तक राखी बांधने का विशेष फल मिलेगा। फोटो इंटरनेट

 

About

x

Check Also

नटरांजलि थिएटर आर्ट्स द्वारा दशहरा घाट स्थित श्री दाऊ जी मंदिर, ताज गंज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं यमुना आरती का आयोजन व

00 आगरा – आज नटरांजलि थिएटर आर्ट्स द्वारा दशहरा घाट स्थित श्री दाऊ जी मंदिर, ...