Breaking News
Home / मनोरंजन / चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव शुरू , कलाकारों ने दी दमदार प्रस्तुति

चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव शुरू , कलाकारों ने दी दमदार प्रस्तुति

नटरांजलि थिएटर आर्ट्स द्वारा आयोजित चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव का आगाज़ आज होली पब्लिक स्कूल सिकन्दरा स्थित तारा हरेश ऑडिटोरियम में हुआ।
शुभारम्भ दीप-प्रज्वलन से हुआ, इस अवसर पर मुख्य अतिथियों में भवानी सिंह संगठन मंत्री, ब्रज,बुंदेलखंड व अवध , मनकामेश्वर महन्त योगेश पुरी, होली पब्लिक के चेयरमैन संजय तोमर,नरेश बेरी, राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित,नेमीचंद वार्ष्णेय,गोपाल गुरु,एस.पी.प्रोटोकॉल डॉ एम.सिंह,दिलीप रघुवंशी, प्रमोद पांडे,प्रिंसिपल मोनिका सिंह, वत्सला प्रभाकर, बंटी ग्रोवर व महोत्सव संयोजक अलका सिंह उपस्थित रहे।
प्रथम सत्र की शुरुआत सरस्वती वंदना व राधा कृष्ण रासलीला से हुई , स्वर्गीय राजेन्द्र रघुवंशी जी को नुक्कड़ नाटक अब तो मिल कर सोचो साथियो के माध्यम से नटरांजलि के कलाकारों ने श्रद्धांजलि दी।
इसी श्रृंखला में स्वागत् गान,ग्वालियर से नव्या चौरसिया,वाणी पाठक,आर्या त्रिपाठी,नित्या पाठक ने सेमी क्लासिकल नृत्य प्रस्तुत किया,महिमा त्यागी,श्रेया चौधरी,प्रमोद चौधरी ने फ्रीस्टाइल डांस पर प्रस्तुति दी, ,जावेद अली ने अब खत भी नहीं आते पर गीत प्रस्तुत किया,मुंबई से आये रुद्र वर्मा ने जब ‘करम खुदाया है तुझे मैंने बुलाया पर गाना शुरू किया तो दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया, कलकत्ता से आईं शुक्ला दत्ता एवं साथी कलाकार की कथक नृत्य पर युगल प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।

नाटक प्रतियोगिता का प्रथम नाटक मासूम आर्ट ग्रुप सैकत चट्टोपाध्याय के निर्देशन में ‘आप कौन चीज के डायरेक्टर हैं जी’ का मंचन हुआ जिसके माध्यम से विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक व पारिवारिक विसंगतिओं पर व्यंगात्मक प्रहार करते हुऐ वर्तमान समय की भ्रष्ट व लचर सिस्टम पर कुठाराघात किया भारतीय अव्यवसायिक रंगमंच के जाने माने अभिनेता सैकत चट्टोपाध्याय के अभिनय ने उपस्थित दर्शकों को खड़े होकर ताली बजाने पर मजबूर कर दिया।
अरहत प्रोडक्शन,मुम्बई, महाराष्ट्र की धनंजय लक्षमन सावले के निर्देशन में नारी की पीर प्रस्तुत करता नाटक किया जिसमें केरल की सच्ची घटना पर आधारित नंगेली के त्याग को दिखाया गया। नंगेली की भूमिका में रोहिनी ने सशक्त अभिनय किया, नांगेली ने स्तन ढकने पर टेक्स न देने के बदले अपने स्तन ही काट कर राजा के सिपाही को भेंट कर दिये, केरल की देढ़ सौ वर्ष पुरानी ऐतिहासिक घटना को मंच पर कलाकारों ने साकार कर दिया, प्राचीन समय में जातिवाद की जड़ें बहुत गहरी थीं और राजा त्रावणकोर के अनुसार निचली जातियों की महिलाओं को उनके स्तन न ढकने का आदेश था।उल्लंघन करने पर उन्हें ‘स्तन कर’ देना होता था, ऐसी जीवंत प्रस्तुति देखकर दर्शकों की आँखों से आँसू छलक गये ।
कार्यक्रम का संचालन श्रुति सिन्हा व गगन गौतम ने किया, सभी व्यवस्थाओं में रितु गोयल, लालाराम तैनगुरिया, रोहित कात्याल, अमित कौरा, आशीष लवानियां, ममता पचौरी, राजकमल जैसवाल, राजकुमारी पराशर, पारुल भारद्वाज, परवेज़ कबीर, मीरा शर्मा, मिथलेश, बीनू वर्मा, अंजलि स्वरूप, डॉ वीना कौशक आदि शामिल रहे, निर्णायक मंडल में डॉ वंदना यादव, धनन्जय जी, केशव प्रसाद सिंह रहे ।
द्वितीय सत्र में यमुना हाथी घाट पर अतिथि देवो भव् की परम्परा पर सभी आगंतुक कलाकारों का स्वागत् व सम्मान जनकपुरी के पदाधिकारियों व राजा जनक ने किया ।

About

x

Check Also

आओ सहेजें संस्कार के तहत “लोक नृत्य उत्सव” के साथ कलाकारों का ऑडिशन शुरू -अलका सिंह

00 आगरा – नटरांजलि थिएटर आर्ट्स द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव-2019 के आगाज़ के ...