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पारस हॉस्पिटल के संचालक और मैनेजर के खिलाफ महामारी अधिनियम में मुकद्दमा पंजीकृत

आगरा- आगरा में लगातार बढ़ रहे कोरोना पीड़ित पारस हॉस्पिटल में मिल रहे  हैं। पारस हॉस्पिटल बाईपास रोड  पर है इसमें आगरा मंडल के लोग इलाज कराने आते हैं। जमातियों के बाद पारस हॉस्पिटल में ज्यादा  केस मिले हैं इसलिए पारस हॉस्पिटल को ज्यादा जिम्मेदार मान रहे हैं। संक्रमण को आगरा सहित दस जिलों में फैलाने वाले भगवान टॉकीज स्थित पारस हॉस्पिटल को लेकर शहरवासियों में आक्रोश था। लोग बार- बार कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस एक हॉस्पिटल की वजह से अकेले आगरा के 25 लोग संक्रमित हो चुके थे। जिनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है। हॉस्पिटल और कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने का सिलसिला 6 अप्रैल को शुरु हुआ था। एक के बाद सात और फिर दो दर्जन से अधिक लोग सिर्फ इस एक हॉस्पिटल के संपर्क में आने से काेरोना वायरस की चपेट में आ गए थेेे।

आगरा में लगातार बढ़ रहेे है कोरोना पॉजीटिव मरीजों के आंकड़ेे में पारस हॉस्पिटल बड़े एपिसेंटर के रूप में बाहर निकला है। इस हॉस्पिटल से इलाज कराने वाले मरीज दर्जनभर से अधिक जिलों के हैं। आगरा सहित मथुरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा तक में यहां से संक्रमित हुए लोगों की पुष्टि हो चुकी है। पारस हॉस्पिटल और कोरोना वायरस संक्रमण का अध्‍याय 6 अप्रैल को शुरु हु‍आ था। यहां ढोलीखार निवासी महिला भर्ती रही थी। हालत में सुधार न होने पर स्‍वजन उसे मथुरा के प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए। 6 अप्रैल को जब उसकी कोरोना वायरस संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो मथुरा से लेकर आगरा तक में हड़कंप मच गया। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई कर पारस हॉस्पिटल खाली करवाया। यहां का स्‍टाफ और मरीज यमुना पार क्षेत्र के एक हॉस्पिटल में क्‍वारंटाइन किये गए। सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इसके बाद जैसे आगरा में कोरोना विस्‍फोट हो गया। 9 अप्रैल को एक साथ सात लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। महज दस दिनों के भीतर संक्रमितों का आंकड़ा 25 पर पहुंच गया। इस दौरान दो संक्रमितों की मौत भी हो गई।

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