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दलित परिवार के साथ मारपीट महिला के कपड़े फाड़े , एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आजाद घूम रहे दबंग

एटा। ( अवधेह यादव की रिपोर्ट ) सत्ता बदल गई सरकार बदल गई लेकिन नहीं बदला तो सिस्टम और उसे चलाने वाले लोग यही वजह है कि आम गरीब जनता को न्याय नहीं मिल रहा है ऐसा ही एक मामला जनपद एटा का प्रकाश में आया है जहां दबंगों ने दलित परिवार को पीटने पीटने के उपरांत भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही न्याय की गुहार लगा रहा है लेकिन दबंगों के आगे खाकी लाचार है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थानाक्षेत्र जलेसर के अंतर्गत आने वाले गांव पुन्हैरा में एक दलित बाल्मीकि परिवार पर गांव के सवर्ण जाति के लोगों ने धारदार हथियारों व लोहे की रॉड, और लाठी-डंडे से हमला कर दिया जिसमें दलित परिवार के सदस्यों के गंभीर चोटें आई हैं। पुन्हैरा गांव के अशोक कुमार पुत्र छोटेलाल ने जलेसर थाने पर तहरीर दी जिसमें पीड़ित अशोक बाल्मीकि ने बताया कि वह अपने बेटे आकाश के साथ मोटरसाइकिल से 23 अप्रैल को खेत से घर जा रहा था तभी वहां सड़क पर घात लगाकर बैठे गांव के केशव राणा मोनू, देवेन्द्र प्रताप दीपू, तेजेंद्र प्रताप टीनू, दिनेश शर्मा, सुमित सत्यम, हिमांशू, रमेश शर्मा, श्याम हरी और दो-तीन अन्य लोगों ने रास्ते में घेर कर गाली-गलौज करने लगे।जब प्रार्थी ने विरोध किया तो सुमित ने धारदार हथियार से उसपर हमला कर दिया जिसके बाद वहां मौजूद सभी आरोपी प्रार्थी और उसके बेटे पर लाठी-डंडे और लोहे की सरियों से टूट पड़े जिसमें प्रार्थी और उसके बेटे के गंभीर चोटें आई हैं और प्रार्थी का आरोप है कि दबंगों ने जातिगत गालियां देते हुए गांव छोड़ने की धमकी दी। झगड़े की सूचना मिलने के वहां प्रार्थी की पत्नी और पुत्रवधू पहुंची तो वह बचाव करने लगीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और पुत्रवधू के कपड़े फाड़ दिए। घटना स्थल पर ग्रामीणों के आने पर आरोपी जान से मारने और एफआईआर दर्ज ना कराने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि दबंगों ने उसे एफआईआर दर्ज कराने के लिए जलेसर नहीं जाने दिया गया तथा घर वालों और गांव के लोगों ने डायल 112 पर काॅल की तो काॅल नहीं लगी तो 1076 और 108 पर घटना की सूचना दी जिसके कुछ समय बाद वहां एंबुलेंस 108 ने पहुंचकर कर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उनका उपचार चल रहा है। आरोपी का कहना कि दिसंबर 2019 में गांव के केशव राणा मोनू पुत्र गणेश पाल, दिनेश शर्मा पुत्र रामबाबू एवं अन्य लोगों द्वारा उसकी
जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी और जब उसने विरोध किया तो इन्हीं दबंगों द्वारा उसको मारा-पीटा गया था जिसकी जिसकी 10 दिसंबर 2019 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन आरोपियों ने पुलिस से सांठ-गांठ करके उसमें एफआर लगवा ली। पीड़ित का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही, आरोपी दबंग हैं उनके डर से परिवार दहशत में हैं और आरोपी पुलिस से सांठ-गांठ कर अपने बचाव में लगे हुए हैं, मुझे डर है कि दबंग आरोपी मुझे और मेरे परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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