November 23, 2020
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दशहरे के दिन राम नाम लेकर इस तरह बन जाएँगे सारे बिगड़े काम

दशहरे के दिन राम नाम लेकर इस तरह बन जाएँगे सारे बिगड़े काम

October 25, 2020

ravan

विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है। यह दिन कई प्रकार की सिद्धियां भी दिलाता है और जीवन की तमाम बाधाओं को समाप्त भी कर देता है। कह सकते हैं कि इस दिन राम नाम लेकर जो भी काम करेंगे वह पूरे हो जाएंगे।

विजयादशमी का त्योहार इस वर्ष 25 अक्टूबर को पड़ रहा है। इस दिन सुबह 7 बजकर 41 मिनट से शुरू ही रही दशमी अगले दिन यानि 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजे तक रहेगी। इस बार विजयादशमी की पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 1.12 से लेकर 3.27 बजे तक का बताया जा रहा है। यदि आपके ऐसे कोई कार्य हैं जिनमें अकसर रुकावट आ जाया करती है तो विजयादशमी के दिन से उसकी शुरुआत करनी चाहिए। वैसे तो इस दिन किसी कार्य की शुरुआत पूरे दिन में कभी भी की जा सकती है लेकिन यदि आपने विजय काल में कार्यारंभ किया है तो जीत मिलनी निश्चित है। पुराने समय में राजा-महाराजा विजयादशमी के दिन विजय काल में ही शत्रु पर विजय पाने के लिए निकला करते थे। मान्यता है कि सायंकाल में तारा उदय होने के समय ‘विजय काल’ रहता है।

क्षत्रियों के लिए तो विजयादशमी बहुत बड़ा पर्व है। इस दिन क्षत्रिय शस्त्र-पूजन करते हैं तो ब्राह्मण सरस्वती पूजन करते हैं। विजयादशमी या दशहरा एक राष्ट्रीय पर्व है। अपराह्न काल के अलावा श्रवण नक्षत्र तथा दशमी का प्रारंभ विजय यात्रा का मुहूर्त माना गया है। इस दिन संध्या के समय यदि नीलकंठ पक्षी का दर्शन हो जाये तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। दशहरे के दिन पूजन के बाद दुर्गा-विसर्जन के अलावा अपराजिता पूजन और शमी पूजन का विशेष फल मिलता है। मान्यता है कि विजयादशमी के दिन भगवान श्रीरामचंद्रजी के लंका पर चढ़ाई करने के लिए प्रस्थान करते समय शमी वृक्ष ने भगवान की विजय का उद्घोष किया था इसीलिए विजयकाल में शमी पूजन होता है।

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