March 5, 2021
उत्तर प्रदेश कैरियर ताजा शिक्षा

130 स्कूलों के 25 हजार बच्चे देंगे बोर्ड परीक्षा

  • ताजनगरी में सीबीएसई बोर्ड एग्जाम की तैयारियां जोरों पर, स्कूलों ने जारी किए मोबाइल मैसेज
  • कई विद्यालयों में अभी भी प्री-बोर्ड, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के ट्वीट के बाद हलचल हुई तेज

ताजनगरी के 130 सीबीएसई विद्यालयों के करीब 25 हजार बच्चे इस बार बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। दसवीं में 14 हजार और 12वीं में करीब 11 हजार विद्यार्थी अपने भविष्य की राह तय करेंगे। परीक्षा की डेटशीट जारी होने के साथ ही स्कूलों में तैयारियों का सिलसिला तेज हो गया है। कई स्कूलों में अभी भी प्री-बोर्ड संचालित हो रहे हैं।

कोरोनाकाल में पिछड़ीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जानकारी सार्वजनिक कर दी गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बाबत जानकारी दी है। कहा है कि बोर्ड चार मई से कक्षा दस और 12 की मुख्य थ्योरी परीक्षाएं शुरू करेगा। शेड्यूल के अनुसार दस जून तक बोर्ड के सभी पेपर्स की परीक्षाएं संपन्न कर ली जाएंगी। शिक्षा मंत्री की इस घोषणा के साथ ही विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई। दरअसल कई दिनों से वे डेटशीट के इंतजार में थे। इधर, ताजनगरी में भी करीब 25 हजार विद्यार्थी सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। कई स्कूलों में प्री-बोर्ड कराए जा रहे हैं। ऑनलाइन व ऑफलाइन विद्यार्थी अपने शिक्षकों से डाउट साझा कर रहे हैं। स्कूलों की ओर से बोर्ड परीक्षाओं को मोबाइल मैसेज भी फॉर्वर्ड किया गया है, जिसमें डेटशीट का पूरी जानकारी है। किसी भी समस्या या एडमिट कार्ड के लिए भी संपर्क करने को कहा गया है।

39 दिन चलेंगी बोर्ड परीक्षाएं
इस बार कक्षा दस में 70 विषयों और कक्षा 12 के एग्जाम में 111 सब्जेक्ट्स के लिए बोर्ड परीक्षाएं होंगी। पिछले साल परीक्षा अनसूची 45 दिनों की थी लेकिन इस बार 39 दिनों की है। बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों को कई अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं। कोरोनाकाल में कक्षा दस व 12 का सिलेबस भी कम कर दिया गया है। करीब 30 फीसदी सिलेबस कम कर बच्चों को राहत दी गई है। अन्य कक्षाओं के सिलेबस में भी कटौती की गई है। इससे छात्रों को काफी तसल्ली मिल गई है। घटे हुए सिलेबस के आधार पर ही अन्य कक्षाओं के प्रश्न पत्र भी तैयार किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था सीबीएसई के अलावा अन्य बोर्ड के परीक्षाओं के लिए भी लागू कर दी गई है।

तैयारी करने का मिला पूरा समय
मुख्य परीक्षा से करीब तीन महीने पहले जारी की गई इस डेटशीट के पीछे बोर्ड की मंशा है कि विद्यार्थियों को तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सके। वैसे भी इस बार दसवीं कक्षा में किसी भी विद्यार्थियों के फेल होने की आशंका से इंकार किया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत दसवीं कक्षा के हर विद्यार्थी को स्किल डवलपमेंट विषय लेने हैं, जो उनको अच्छे नंबर दिलवा सकें। अगर कोई विद्यार्थी गणित या साइंस जैसे सब्जेक्ट्स में फेल भी हो जाता है तो स्किल विषय के आधार पर उसे प्रमोट कर दिया जाएगा। इस संबंध में सरकार की ओर से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

अप्रैल में मिलेगा एडमिट कार्ड
बोर्ड परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड अप्रैल में जारी हो सकता है। एडमिट कार्ड भी इस बार ऑन लाइन ही मिलेगा। अगर कोई समस्या है तो विद्यार्थी अपने स्कूल में संपर्क कर सकते हैं। विद्यालय द्वारा भी एडमिट कार्ड उपलब्ध कराए जा सकते हैं। बोर्ड की कोशिश है कि परीक्षा परिणाम 15 जुलाई तक घोषित हो जाए। यही कारण है कि परीक्षा के तुरंत बाद दो पालियों में ही उत्तर पुस्तिकाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इस संबंध में विद्यार्थियों को भी जानकारी भेज दी गई है।

मुख्य परीक्षाओं के बीच पर्याप्त समय
सीबीएसई मुख्यालय की ओर से जारी ट्वीट में कहा गया कि कक्षा दस और 12 की दो मुख्य विषयों की परीक्षाओं के बीच पर्याप्त समय दिया गया है। यह छात्रों के तनाव को कम करेगा और परीक्षाओं की बेहतर तैयारी में उनकी मदद करेगा। कक्षा 12 की परीक्षाएं दो पारियों में आयोजित की जाएंगी ताकि परीक्षा आयोजित करने के दिनों में कमी लाई जा सके। दूसरी पारी में उन विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएंगी, जिनमें विदेश में मौजूद छात्र उपस्थित नहीं होते।

सुशील गुप्ता, अप्सा अध्यक्ष

सीबीएसई को बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट को लेकर असमंजस समाप्त हो गया। विद्यार्थी और अभिभावक ही नहीं स्कूल प्रबंधक और शिक्षकों को भी डेटशीट का इंतजार था। छात्र पूरी तैयारी के साथ बोर्ड परीक्षाएं दें। उनको हमारी शुभकामनाएं।

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