March 2, 2021
कारोबार फुड राष्ट्रीय

यूपी में 65.5 लाख मी. टन से अधिक हुई धान की खरीद

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2019-20 में 599.81 मी. टन लक्ष्य के सापेक्ष 601.84 लाख मी. टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है। 65 लाख मी. टन से ज्यादा धान की खरीद हुई है। राज्यपाल द्वारा दिये गए अभिभाषण में मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के किसान जब तक अपनी फसल लेकर मंडियों में आते रहेंगे, तब तक प्रदेश भर में क्रय केंद्र खुले रहेंगे। प्रदेश के किसी भी किसान को मंडी से अपनी फसल बिना बेचे वापस नहीं लौटना होगा।

मालूम हो कि खाद्यान्न के मामले में प्रदेश आत्मनिर्भर ही नहीं अपितु सरप्लस राज्य के रूप में अपना स्थान बनाए हुए है। किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत अब तक 232.63 लाख किसानों को 28 हजार 443 करोड़ से अधिक की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। प्रदेश में मंडी परिसरों के बाहर के व्यापार को पूरी तरह से लाईसेन्स व मंडी शुल्क से मुक्त कर दिया गया है, जिससे किसान अपना सामान कहीं भी और किसी भी व्यापारी को बेच सकते हैं।

प्रदेश में कृषि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए जनपद गोण्डा में एक नए कृषि महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। लखीमपुर खीरी व आजमगढ़ में नए कृषि महाविद्यालयों को शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही कृषि शोध को बढ़ावा देने के लिए 20 नए कृषि विज्ञान केंद्रों के संचालन की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 15 केंद्र संचालित हो चुके हैं। किसानों को ऋण व कृषि निवेश उपलब्ध कराने में सहकारी क्षेत्र की अहम भूमिका है। प्रदेश में कृषि निवेश योजना के अन्तर्गत 8,496 सहकारी समितियों द्वारा सहकारी बिक्री केंद्रों के माध्यम से उर्वरक एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रबी विपणन वर्ष 2020-21 में कोविड-19 की विषम परिस्थितियों के बावजूद राज्य में 5,896 क्रय केंद्र स्थापित कर 6.63 लाख किसानों से 35.76 लाख मी टन गेहूं क्रय किया गया और किसानों को 6,885.16 करोड़ का भुगतान किया गया।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *