February 27, 2021
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आगरा को मिल सकता है टेक्सटाइल पार्क

  • अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है केंद्र का बजट- चैंबर
  • बजट में पर्यटन व जूता उद्योग के लिए कोई राहत नहीं

वित्त मंत्री द्वारा बजट में एसएसएमई को कुल 15,700 करोड़ रुपये आवंटन निराशाजनक है। इन उद्योगों का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में 60 प्रतिशत से भी अधिक है। पर्यटन उद्योग के  लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है, यह आगरा के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। शहर को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। वहीं आयातित लैदर पर मिलने वाली छूट को समाप्त कर दस प्रतिशत ड्यूटी लगा दी गई है और निर्यात पर मिलने वाला पांच प्रतिशत इंसेटिव समाप्त कर दिया गया है, इससे आगरा के जूता उद्योग पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका है।

यह कहना है नेशनल चैंबर के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का। उन्होंने कहा कि जीएसटी में सरलता की बात कही गई है जबकि छोटे व्यापारी के लिए तीन माह का और बड़े व्यापारी के लिए एक माह के रिटर्न का जो संशोधन किया गया है। उसमें व्यापारियों को सबसे ज्यादा कठिनाई आ रही है। यह समाप्त होना चाहिए था। ऑटो इंडस्ट्री के लिए यह अच्छा बजट है। कामर्शियल वाहनों को 15 तथा प्राइवेट वाहनों को 20 साल में स्क्रेप करने की घोषणा से ऑटो सेक्टर में तेजी आएगी। कुल मिलाकर यह बजट अर्थव्यवस्था को तेज गति देने वाला है। कोविड वैक्सीन के लिए 32 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्रशंसनीय है।

आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन व पूर्व चैंबर अध्यक्ष अनिल वर्मा एडवोकेट ने बताया कि देश में सात मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने की योजना है। इनमें से एक पार्क आगरा को मिल सकता है। 32 नए एयरपोर्ट में भी आगरा का नंबर आ सकता है। स्वास्थ्य बजट को बढ़ाकर 2,23,846 करोड़ रुपये करना स्वागत योग्य कदम है। सोना व चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी को आनुपातिक करने की घोषणा से सर्राफा उद्योग में उम्मीद जगी है। आयकर स्लैब में कोई परिवर्तन न होने तथा धारा 80सी, 80डी और 80सीसी की छूट न बढ़ाने से आयकरदाता हतोत्साहित हैंं। चैंबर की मांग पर धारा 148 के अंतर्गत पुराने छह साल के केसों को खोले जाने की सीमा को घटाकर तीन साल करना स्वागत योग्य कदम है।

50 लाख तक के आयकर दाताओं के निर्धारण विवादों के लिए डिस्प्युट रिजोल्यूशन कमेटी के  गठन से विवादों का निपटारा शीघ्र होगा। डिजिटल बिक्री करने वालों के लिए जीएसटी एवं आयकर में ऑडिट की सीमा 10 करोड़ की बिक्री तक की गई है यह अच्छा कदम है।

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