March 2, 2021
आगरा कारोबार ताजा सेहत

जिले में शुरू हो रहा वैक्सीनेशन का एक और अभियान, जरूरी है ये भी

  • मिशन इंद्रधनुष 3.0, जानिए क्या है इसका लक्ष्य और उद्देश्य
  • बच्चों को 18 तरह की बीमारियों से बचाने का प्लान है तैयार

जिले में एक और वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने जा रहा है। कोरोना के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान की तरह ही यह भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए तैयारी कर ली है।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय से टीकाकरण कराने और उन्हें जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए विभाग की ओर से 23 फरवरी से सघन मिशन इंद्र धनुष का आगाज किया जाएगा। इस अभियान में नियमित टीकाकरण के दौरान टीके से वंचित रह गए दो वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में टीके लगाए जाएंगे।

अभियान को चलाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा एकीकृत बाल विकास सेवा, शिक्षा और पंचायती राज विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का सहयोग लिया जाएगा।

कोरोना काल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर तैयारी
कोरोना काल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने यह विशेष तैयारी की है। आपका बच्चा अगर नियमित टीकाकरण से वंचित रह गया है तो इस मिशन का हिस्सा बन जाएं। बच्चे को टीकाकरण की बूस्टर डोज लगवाकर उसे 18 तरह की खतरनाक बीमारियों से बचाएं। सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान में दो तरह के बच्चों को शामिल किया गया। पहला लेफ्ट आउट यानी जिन बच्चों को एक भी टीका नहीं लगा है। दूसरा ड्रॉप आउट यानी ऐसे बच्चे जिन्होंने एक-दो टीके लगवाने के बाद बीच में अन्य टीके लगवाएं।

बच्चों को यह लगेंगे टीके
ओपीवी, टिटनेस, पोलियो, तपेदिक, गला-घोंटू, निमोनिया, मैनजाइटिस, हेपटाइटिस-बी, पीलिया, काली खांसी, डीपीटी, बीजीसी, पेटा, मीजेल्स रुबेला, रोटा वायरस, टिटनेस-डिप्थीरिया, आईपीवी और विटामिन ए।

90 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजीव वर्मन ने बताया कि शासन ने कोविड-19 संक्रमण के दौरान लॉकडाउन व अन्य कारणों से टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। नियमित टीकाकरण के साथ सघन मिशन इंद्रधनुष के जरिए टीकाकरण कवरेज को बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया। शासन से मिली गाइड लाइन के मुताबिक, प्रथम चरण में 28 फरवरी के अलावा एक और दो मार्च को टीकाकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में 28 मार्च, पांच अप्रैल और छह अप्रैल को टीकाकरण होगा।

टीकाकरण से पहले ट्रेनिंग
आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम ने अभियान से पहले 11 से 16 फरवरी तक हेड काउंट सर्वे कर लाभार्थियों की सूची तैयार की है। फिलहाल उनकी ट्रेनिंग चल रही है। साथ ही माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। लाभार्थियों की सूची की समीक्षा 20 फरवरी को राज्य स्तर पर की जाएगी।

क्या है मिशन का मतलब?
अधिकारियों का कहना है कि दो वर्ष से छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाएं, जो नियमित टीकाकरण के दौरान छूट जाते हैं। उनका इस अभियान में टीकाकरण किया जाता है। टीकारण का नाम इंद्र धनुष इसलिए रखा गया। क्योंकि, इसमें कई बीमारियों से प्रतिरक्षित करने के लिए टीके लगाए जाते हैं।

संचारी रोगों से बचाव पर चर्चा
जीवनी मंडी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लॉक टास्क फोर्स की मीटिंग हुई। पीएचसी की प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि मीटिंग में सघन मिशन इंद्रधनुष के शुरू होने और संचारी रोगों से बचाव पर चर्चा की गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मॉनिटर निखिल, पार्षद नेहा गुप्ता, प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल मंजू, पूनम और आंगनवाड़ी सुपरवाइजर आरती व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मीटिंग में बताया गया कि संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताए। मीटिंग में पूरी बाजू के कपड़े पहनने, साफ पानी पीने, अपने आस-पास जलभराव न होने के बारे में बताया गया।

गर्भवती महिलाओं का भी टीकाकरण
सीएमओ डा. आरसी पांडेय ने बताया कि जिले में 23 फरवरी से सघन मिशन इंद्रधनुष शुरू होगा। नियमित टीकाकरण के दौरान टीके से वंचित रह गए दो वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को इस विशेष अभियान में नि:शुल्क टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *