March 3, 2021
आगरा कैरियर क्राइम शिक्षा

फ्लैट के कमरे में छिपे थे एंटी करप्शन के जवान

  • साथी प्रधानाध्यापक से ही रिश्वत मांग रहा थे प्रभारी एआरपी, मेरठ कोर्ट में होगा पेश
  • बीएसए दफ्तर में नहीं थम रहा रिश्वतखोरी का सिलसिला, अब तक कई गिरफ्त में आए

बेसिक शिक्षा विभाग के एआरपी को पकड़ने के लिए एंटी करप्शन की टीम ने पूरा जाल बुना था। जिस फ्लैट में उसे बुलाया गया था, वहां एक कमरे में पहले से ही एंटी करप्शन टीम के जवान छिपे हुए थे। जैसे ही वो रिश्वत की रकम लेकर जाने लगा, दबोच लिया गया। फिलहाल वो पुलिस अभिरक्षा में है।

बेसिक शिक्षा विभाग में रिश्वत की जड़ें बहुत गहरी हैं। यहां तमाम लोग इस गोरखधंधे में लिप्त हैं। शासन के लगातार सख्त होते शिकंजे के बावजूद विभाग में रिश्वतखोरी कम होने का नाम नहीं ले रही। प्राथमिक विद्यालय झारपुरा (बरौली अहीर ब्लॉक) की प्रधानाध्यापक नीरजा शर्मा से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का काम देख रहे जितेंद्र शर्मा को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार लिया।

जितेंद्र शर्मा बरौली अहीर ब्लॉक के ही नगला बिहारी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक है। थाना ताजगंज में इस संबंध में मुकद्मा दर्ज कराया गया है। नीरजा शर्मा को एक मामले में निलंबन का डर दिखाकर जितेंद्र शर्मा पांच हजार रुपये मांग रहा था। शनिवार को नीरजा ने ताजगंज के कृपा धाम अपार्टमेंट स्थित अपने फ्लैट पर जितेंद्र शर्मा को बुलाया और रिश्वत के रुपये लेकर जैसे ही जाने लगा, पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। दरअसल टीम यहां पहले से ही एक कमरे में छिप गई थी। जितेंद्र शर्मा को अंदाजा ही नहीं था कि एंटी करप्शन की टीम उसके इंतजार में बैठी है। इंस्पेक्टर एंटी करप्शन जसपाल पवार ने बताया कि एआरपी को पकड़ने के लिए पूरा जाल बिछाया गया था। उसने खिड़की के रास्ते से भागने का प्रयास भी लिया लेकिन टीम ने दबोच लिया। उसे अब मेरठ की कोर्ट में पेश किया जाएगा। बीएसए दफ्तर में रिश्वतखोरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार अधिकारी व कर्मचारी इस गोरखधंधे को अंजाम देते गिरफ्त में आ चुके हैं। फतेहाबाद ब्लॉक में एक बाबू भी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था।

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