February 26, 2021
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खेत से लेकर मंडी तक का रखा गया है ध्यान

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट 2021-22 में कृषि व संबद्ध क्षेत्र का विशेष ध्यान रखा गया है। कोरोना के संकट से देश की अर्थव्यवस्था को उबारने और आर्थिक विकास को रफ्तार देने के मकसद से केंद्र सरकार ने इस बजट में किसानों के लिए खेत से लेकर मंडी तक की व्यवस्था को मजबूत बनाने की कोशिश की है। वित्त मंत्री ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए नौ उपाय करने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि बजट में नाबार्ड के अंतर्गत 5,000 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ सूक्ष्म सिंचाई कोष को 5,000 करोड़ रुपये और बढ़ाकर इसे दोगुना करने का प्रस्ताव किया गया है।

किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर चल रही मोदी सरकार ने कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) द्वारा संचालित मंडियों को मजबूत करने के लिए कृषि इन्फ्रास्ट्रक्च र कोष उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। साथ ही, देशभर की 1,000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ने की घोषणा की गई है। नये कृषि कानूनों से एपीएमसी मंडियों के अस्तित्व को लेकर जो आशंका जाहिर की जा रही है, उसे दूर करने की दिशा में केंद्र सरकार का यह एक बड़ा कदम साबित होगा।

वित्तमंत्री ने कहा कि इसमें करीब 1.68 करोड़ किसान पंजीकृत हैं और ई-नाम के माध्यम से 1.14 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हो रहा है। पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा कायम करने के लिए 1,000 और मंडियों को ई-नाम से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। आॅपरेशन ग्रीन योजना के तहत जहां पहले खराब होने वाले सिर्फ 3 उत्पाद थे, वहां अब 22 और उत्पाद शामिल करने का ऐलान किया गया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्र उत्पादों के मूल्य वर्धन और उनके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, वित्तमंत्री ने ऑपरेशन ग्रीन योजना का दायरा बढ़ाकर 22 खराब होने वाले उत्पादों को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव किया है। इसमें अब तक टमाटर, प्याज और आलू (टॉप्स) शामिल थे।

सीतारमण ने कहा कि किसानों को पर्याप्त ऋण प्रदान करने के लिए, वित्तमंत्री ने वित्त वर्ष 2022 में कृषि ऋण बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार पशु पालन, डेयरी और मत्स्य पालन के लिए ऋण प्रवाह बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सीतारमण ने मछली पकड़ने और मछली उतारने वाले केंद्रों के विकास में पर्याप्त निवेश का प्रस्ताव रखा। वित्तमंत्री ने कहा कि मछली पकड़ने के 5 प्रमुख केंद्रों – कोच्चि, चेन्नई, विशाखापतनम, पारादीप, और पेटुआघाट- को आर्थिक गतिविधि केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जल क्षेत्र में मछली पकड़ने के केंद्रों तथा नदी के तटों और जलक्षेत्रों में मछली उतारने के केंद्र विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा।

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