February 25, 2021
उत्तर प्रदेश कारोबार राष्ट्रीय

केले के रेशे से बने उत्पाद व्यापार में घोल रहे मिठास

उत्तर प्रदेश सरकार की बहुआयामी योजना एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत राज्य के दस्तकारों और शिल्पकारों के उत्पादों को विशिष्ट पहचान दिलाने संग उनकी आमदनी को बढ़ा कर चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है। पूर्वी यूपी की सुनहरी शकरकंद और बुंदेलखंड (झांसी) स्ट्राबेरी के बाद अब कुशीनगर जनपद में केले के रेशे व केले के कई तरह के उत्पाद ओडीओपी योजना के जरिए अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर व्यापार में मिठास घोल रहे हैं। ओडीओपी योजना के तहत जनपद कुशीनगर में केले के तने, रेशे, फल, पत्तियों से बनने वाले विभिन्न उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार की नीतियों ने दस्तकारों, शिल्पकारों व किसानों की आय को रफ्तार दी है। यूपी के कुशीनगर जिले के सेवरही ब्लॉक के हरिहरपुर गांव के रहने वाले 36 वर्षीय रवि प्रसाद ने ओडीओपी योजना के तहत जिले में केले के रेशे से तमाम तरह के उत्पाद बनाने का काम शुरू किया।

अब तक 450 महिलाओं और 60 पुरुषों को इस काम से जोड़कर उनको रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। रवि ने बताया कि ओडीओपी योजना शिल्पियों व दस्तकारों के लिए वरदान साबित हुई है। यूपी सरकार ने गांव के हुनर को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है। प्रदेश में आयोजित किए गए हुनर हाट के जरिए हम लोगों की आमदनी को पंख लगे हैं।

कुशीनगर में लगभग 9000 हेक्टेयर में केले की खेती की जा रही है। जिसमें केले की खेती से 9,400 किसान और 500 हस्तशिल्पी जुड़े हुए हैं। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र की ओर से एक जनपद एक उत्पाद के तहत केला रेशा व केला उत्पाद के लिए जनपद के करीबन 500 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिसमें 150 लोगों को केले से उत्पाद बनाने व 350 लोगों को केले के रेशे से बने उत्पादों को बनाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

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