February 24, 2021
आगरा पॉलिटिक्स शिक्षा

बीपीएड काउंसिलिंग बड़ी धांधली हुई

डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध बीपीएड कॉलेजों का हाल बेहाल है। कई कालेजों में मानक के अनुसार शिक्षक नहीं है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा काउंसलिंग में छात्र आवंटित कर दिए गए हैं। मथुरा में कराई गई बीएड कॉलेजों की जांच की तर्ज पर यदि विश्वविद्यालय से संबद्ध बीपीएड कालेजों की जांच करा ली जाए तो मामले का खुलासा हो जाएगा।

बता दें कि पिछले दिनों विश्वविद्यालय द्वारा बीपीएड की काउंसलिंग शुरू की गई। हालांकि यह काउंसलिंग लगातार होनी थी किंतु विश्वविद्यालय ने काउंसलिंग के पहले चरण में कॉलेज में शिक्षकों की संख्या के अनुसार सीट आवंटित कर साइट बंद कर दी। पहले चरण में किसी कॉलेज को 60 सीट की जगह 20 तो किसी को 30 छात्र आवंटित किए गए। जिन कॉलेजों को कम छात्र आवंटित किए गए, उनके संचालकों ने संबद्धता विभाग की गणेश परिक्रमा शुरू कर दी।

दोबारा वेबसाइट खोलकर दिया गया छात्र भरने का मौका, शिक्षकों के डाक्युमेंट के आधार पर ही चल रहे हैं कॉलेज

कम सीट आवंटन वाले कॉलेजों ने तुरंत अपने स्टाफ को बीपीएड के मानकों के अनुसार शिक्षकों के डाक्युमेंट तलाशने के लिए लगा दिया। कुछ कॉलेजों के लोग तो इलाहाबाद, बनारस और गोरखपुर तक शिक्षक तलाशने के लिए पहुंच गए। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से योग्य अभ्यर्थियों के डाक्युमेंट एकत्रित किए गए और संबद्धता विभाग में उन शिक्षकों के एप्रूवल की फाइल लगा दी गईं। गौरतलब है कि जिन शिक्षकों के डाक्युमेंट जमा किए गए, वे कॉलेज में पढ़ाने नहीं आएंगे। उनके डाक्युमेंट का शुल्क उनको पूरे वर्ष दिया जाता रहेगा। शिक्षकों के एप्रूवल के आधार पर उनके कॉलेज में छात्र संख्या बढ़ा दी गई। ऐसे ही प्राइवेट कालेजों को लाभ पहुंचाने के लिए काउंसलिंग की साइट दोबारा तीन दिन के लिए खोल दी गई। तीन दिनों में उन महाविद्यालयों ने फर्जी शिक्षकों के आधार पर अपने यहां छात्रों के प्रवेश कर लिए।

बता दें कि बीपीएड कालेजों का हाल भी बीएड के प्राइवेट कालेजों की तरह है। ना छात्र पढ़ने आते ना शिक्षक पढ़ाने। महाविद्यालयों द्वारा केवल प्रवेश और परीक्षा का काम किया जाता है।

दलालों का एक कॉकस जो पूर्वांचल में सक्रिय है, ऐसे कालेजों के लिए बीएड और बीपीएड के छात्र ढूंढने का काम करता है। इन दलालों को प्रति छात्र के प्रवेश पर एक निश्चित राशि संबंधित कॉलेज द्वारा दी जाती है।

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