March 5, 2021
आगरा इतिहास धर्म

चौरी-चौरा की वीर गाथा सुनेंगे स्कूलों के बच्चे

चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष के आगाज के साथ ही यूपी बोर्ड पाठ्यक्रम में भी इस स्वाधीनता संग्राम को शामिल करने का ऐलान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी विद्यालयों में साल भर कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस संबंध में शासनादेश भी जारी होने वाला है। अब माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी चौरी-चौरा के शहीदों की वीरगाथाएं किताबों में पढ़ने को मिलेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने चौरीचौरा की घटना को यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल करने की कवायद शुरू कर दी है। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को शहीदों के स्थल चौरी-चौरा का भ्रमण कराया जाएगा। इनमें निजी स्कूलों के बच्चे भी शामिल रहेंगे। चौरी-चौरा शताब्दी समारोह के दौरान प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में आज से आगामी एक साल तक निबंध, चित्रकला, पोस्टर, क्विज, स्लोगन, कविता लेखन व भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। विद्यालय स्तर पर शुरू होने वाली प्रतियोगिताएं राज्यस्तर तक जारी रहेंगी। मंडल स्तर पर भी प्रतियोगिताएं होंगी।

यूपी बोर्ड के माध्यमिक पाठ्यक्रम में इसे शामिल करने के सीएम ने दिए निर्देश

आज से शुरू होगा चौरी-चौरा शताब्दी समारोह, साल भर स्कूलों में होंगे कार्यक्रम

99 साल पहले लगा दी थी आग
चौरी-चौरा गोरखपुर के दो गांव हैं, जिनके नाम से पुलिस थाना आज भी है। इसी थाने में चार फरवरी 1922 को आग लगा दी गई थी। दरअसल ब्रिटिश भारत में उस समय संचालित असहयोग आंदोलन में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह पुलिस के साथ भिड़ गया और थाने को आग के हवाले कर दिया था। घटना में तीन नागरिकों और 22 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। घटना के परिणाम स्वरूप महात्मा गांधी ने 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। चौरी-चौरा कांड के अभियुक्तों का मुकदमा पंडित मदन मोहन मालवीय ने लड़ा था। कुल 114 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई थी, जिनमें से 95 क्रांतिकारियों को उन्होंने फांसी से बचा लिया था। जो एक बड़ी सफलता थी।

स्मारक स्मारक पर शहीदों को किया नमन
चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के तहत शहीद स्मारक पर आज सुबह शहीदों को नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि चौरी-चौरा ने 100वें वर्ष में प्रवेश कर दिया है। हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलन का गौरवशाली इतिहास रहा है। हजारों लोगों ने अपनी आहूति दी, तब कहीं जाकर अंग्रेज हुकूमत से निजात मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री उदयभान सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस दौरान डीएम प्रभुनारायन सिंह, नगरायुक्त निखिल टीकाराम फुंडे, सीडीओ जे रीभा, एसएसपी बबलू कुमार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रानी सरोज गौरिहार, विधायक पक्षालिका सिंह आदि मौजूद रहे।

चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के तहत शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन करते अतिथिगण। फोटो- एनएस

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