February 25, 2021
आगरा कारोबार नगर निगम सेहत

संचारी संग होगी टीबी की खोज, बीमारी रोकेगी ‘दस्तक’ की डोज

  • जिले में पहली बार बीमारियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान
  • दरवाजा खटखटाओ, संचारी रोगों, दिमागी बुखार को दूर भगाओ

बदलता मौसम है। सर्दी की विदाई हो रही है और गर्मियों ने दस्तक दे दी है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने संचारी रोगों को रोकने, टीबी मरीजों को ढूंढने और दिमागी बुखार को दूर करने की रणनीति तैयार कर ली है।

जिले में पहली बार बीमारियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें आपका दरवाजा खटखटाएंगी। इसके लिए एक मार्च से संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान शुरू किया जाएगा। इसकी रूपरेखा बीते दिन कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में और जिला स्तरीय टास्क फोर्स की मौजूदगी में तय कर ली गई है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने सभी विभागों का समन्वय बनाते हुए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।

संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वच्छता, फॉगिंग, नाली आदि काम नगर निगम और ब्लॉक के लोगों को शहर-देहात में करना है। शिक्षा विभाग स्कूली बच्चों और अभिभावकों को जानकारियां उपलब्ध कराने का काम करेगा। पशुबाड़ों की सफाई पशु विभाग के जिम्मेदार देखेंगे। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दस्तक अभियान के तहत घर-घर जाएंगे और दिमागी बुखार के प्रति जागरूक करने के साथ ही इस बार टीबी रोगियों की खोज और मलेरिया आदि से बचाव की जानकारी भी देंगे। हर विभाग से नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ ही जिला मलेरिया अधिकारी, एसीएमओ, डीसीपीएम, एनएचएम इस पूरे अभियान की निगरानी करेंगे।

ऐसे होगी टीबी रोगियों की खोज
अभियान के दौरान लक्षणों के आधार पर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संभावित टीबी रोगियों का पता लगाएंगी साथ ही संभावित रोगी मिलने पर जानकारी एएनएम के माध्यम से ब्लॉक मुख्यालय को देंगी। सूचना पर जांच कराकर रोगी का निशुल्क इलाज कराया जाएगा।

दिमागी बुखार की रोकथाम
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2017 से ही दस्तक अभियान चल रहा है। आगरा में यह पहली बार शुरू हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दिमागी बुखार की रोकथाम के लिए बुखार के रोगियों को ढूंढना है, क्योंकि इस अभियान का दायरा जिले के हर घर तक होगा।

मच्छरों की रोकथाम है मुख्य उद्देश्य
बदलते मौसम में मच्छरों की वजह से संचारी रोगों का खतरा बढ़ जाता है। मलेरिया, डेंगू जैसे रोग सिर उठाते हैं। इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले ही सतर्क है। वैसे ही कोरोना का खतरा बना हुआ है। इस बीच नई समस्याएं खड़ी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें मच्छरों को पैदा न होने देने, इनसे बचाव के तरीकों को लेकर जागरूक करेंगी। गंदगी, जलभराव वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा।

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