March 3, 2021
आगरा क्राइम ताजा

पुलिसकर्मियों की शह से बढ़ते चले गए अपराधियों के हौसले

  • निजी स्वार्थ के कारण खुलेआम उड़वाते हैं कानून की धज्जियां
  • बार-बार पुलिसकर्मियों पर हो रहे हमले, आदतों में सुधार नहीं
  • कानपुर, सैंया और अब कासगंज की घटना दिखा रही आईना

फीलगुड होने की आदत। अवैध कामों को बढ़ावा। पुलिस के यही काम उसके लिए ही मुसीबत बन रहे हैं। पुलिसकर्मियों की शह के कारण ही अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गये हैं कि माफिया और उनके गुर्गें पुलिस पर जानलेवा हमला और उनकी हत्या करने तक का दुस्साहस कर रहे हैं। बार-बार होती घटनाएं हर एक  खाकीधारी को आइना दिखा रही है, लेकिन कोई भी सबक नहीं ले रहा है। कानपुर, सैंया और अब कासगंज। तीन घटनाओं ने पुलिस के इस्तकबाल पर हमला किया है। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को मुठभेड़ में ढेर भी किया है, लेकिन खाकी पर बड़ा सवाल भी खड़ा किया है।

कानपुर के बिकरू गांव में पुलिसकर्मियों पर हमले की घटना सभी को याद होगी। विकास दुबे ने जो किया, उसकी सजा उसे मिल गई, लेकिन इस घटना के बाद जो खुलासे हुए, वह आंखों को खोलने वाले रहे। विकास दुबे को शह देने में पुलिसकर्मियों का ही हाथ था। सैंया में अवैध खनन की सूचना पर गई पुलिस टीम पर खनन माफिया ने हमला बोला। सिपाही सोनू चौधरी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों से लेकर पुलिस अधिकारियों तक पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ। खनन माफिया से पुलिस की मिलीभगत उजागर हुई तो एसएसपी बबलू कुमार ने खेरागढ़ सर्किल से कई पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया। एत्मादुद्दौला थाने में तैनात दरोगा पर शराब के नशे में हमला बोल दिया गया था। अब कासगंज की घटना ने सभी को झकझोर दिया।

आखिर बदमाशों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो रहे हैं, जो पुलिसकर्मियों की हत्या करने की हिमाकत कर रहे हैं। इस बारे में नए समीकरण ने कई रिटायर्ड पुलिसकर्मियों से बात की तो उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने ही अपराधियों के हौसले बढ़ा दिये हैं। किसी जमाने में पुलिस का इतना खौफ था कि एक पुलिसकर्मी भी आता था तो पूरे गांव में खलबली मच जाती थी लेकिन अब तो पुलिसकर्मियों को खुलेआम पीटना और हत्या कर देने की हिम्मत उनमें आ गई हैं। ऐसा दुस्साहस देखकर आज भी मन ही मन गुस्सा आता है लेकिन कानून ने हाथ बांध रखे हैं। आज के पुलिसकर्मी अपने जरा से लालच के कारण अवैध कामों को करने वालों के सामने खाकी के सम्मान को खूंटी पर टांग देते हैंं। इस कारण से ही ऐसी घटनाएं होती हैं।

आगरा में भी ऐसे कई माफिया हैं जो पुलिसकर्मियों पर हमला कर चुके हैं। वन विभाग टीम हो या फिर पुलिस। ऐसे लोग हमला करने के बाद फरार हो जाते हैं। सेवानिवृत सीओ बीएस त्यागी ने बताया कि जब तक पुलिस अपना फायदा देखेगी, तब तक अपराधी ऐसे ही उन लोगों पर हावी होते रहेंगे। अभी भी वक्त है, संभल जाएं, वरना पुलिस के नाम से तो दूर, देखकर भी कोई भयभीत नहीं होगा। रिटायर्ड सीओ एसपी सिंह से इस मामले में पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक ले लेना चाहिए। अपराधी किसी के भी सगे नहीं होते हैं। अगर पुलिसकर्मी उनसे दोस्ती निभा रहा है और फीलगुड हो रहा है तो वह उक्त पुलिसकर्मियों को कुछ भी नहीं समझेंगे।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *