March 3, 2021
अन्य आगरा लाइफ स्टाइल

विवाहेतर संबंध

  • अब न तो किसी प्रकार की झिझक और न ही अपराध बोध
  • फिल्म, सीरियल तथा मोबाइल से बढ़ रहा आकर्षण, निम्न वर्ग तथा अनपढ़ स्त्री-पुरुष भी हो रहे आकर्षित

विवाहेतर संबंध (एक्सट्रा मारिटल अफेयर) में इजाफा हो रहा है। शादी के बाद दूसरे पुरुष या स्त्री से संबंध अब केवल ऊंचे तबके का शगल नहीं रहा। मध्य वर्ग, निम्न मध्य वर्ग तथा समाज के बिल्कुल निचले तबके तक के स्त्री तथा पुरुषों में भी इस प्रकार के संबंध देखने को मिल रहे हैं। फिल्म, सीरियल तथा ऑनलाइन चैटिंग व डेटिंग एप तथा मोबाइल ने इन संबंधों में बढ़ोतरी की है। मेट्रोपोलिटन सिटी ही नहीं आगरा में भी मनोचिकित्सकों के पास इस प्रकार की समस्या लेकर पति-पत्नी पहुंचने लगे हैं।

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. केसी गुरुनानी ने बताया कि दस साल पहले तक इस प्रकार के मामले बहुत कम उनके पास सलाह के लिए आते थे। अब विवाहेतर संबंधों के बहुत अधिक मामले आ रहे हैं। अशिक्षित तबके के लोग भी इस प्रकार की समस्या लेकर आते हैं कि पत्नी किसी दूर के रिश्तेदार से फोन पर बात करे बिना नहीं रह पाती। ऐसी पत्नियां व पति स्वीकार करते हैं कि उन्हें फलां व्यक्ति से फोन पर बात करना बहुत अच्छा लगता है। घंटों वे उससे बात करते हैं। एक-दूसरे के  सामने दोनों विवाहेत्तर संबंध होना अथवा फिजिकल संबंध होना स्वीकार नहीं करते किंतु अलग-अलग बात करने पर स्वीकार कर लेते हैं कि संबंध केवल फोन पर बात करने तक सीमित नहीं हैं।

डॉ. गुरुनानी के अनुसार उनकी एक महिला मरीज तो 40 किलोमीटर दूर अपने प्रेमी से मिलने प्रति सप्ताह बस पकड़कर जाती थी। पति-पत्नी में इस बात को लेकर आए-दिन झगड़ा रहता था किंतु वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थी। डॉ. गुरुनानी के अनुसार फिल्म तथा सीरियल में इस प्रकार के संबंध देखकर सामान्य लोगों का आकर्षण भी इस ओर बढ़ता है। मोबाइल तथा आॅनलाइन चैट ने बातचीत करना आसान कर दिया है। बातचीत में बढ़ता आकर्षण ही धीरे-धीरे इस तरह के संबंधों की बुनियाद बन जाता है। पहले इस प्रकार के संबंध बहुत ऊंचे तबके में ही देखने को मिलते थे। अब निम्न वर्ग में भी इस प्रकार के विवाहेतर संबंध बढ़ गए हैं। बात करने पर ऐसे लोग किसी भी प्रकार के अपराध बोध से भी इंकार करते हैं। डॉ. गुरुनानी के अनुसार कुछ मामलों में पति-पत्नी में कम्युनिकेशन का अभाव, इमोशनल बॉंडिंग की कमी, समाज में मॉरल वैल्यू का कम होना तथा बहुत कम मामलों में फिजिकल आकर्षण होता है। इस तरह के मामलों में काउंसलिंग करनी पड़ती थी, जिसमें पति या पत्नी का आपस में सहयोग बहुत जरूरी होता है। कुछ मामले बाई पोलर डिसआर्डर के होते हैं। बाईपोलर डिसआर्डर से ग्रसित व्यक्ति कुछ दिन अवसाद से ग्रसित तथा कुछ दिन बहुत उत्तेजित रहते हैं। उत्तेजना के दिनों में ही वे ऐसे काम कर बैठते हैं। इस तरह के केस में दवाएं दी जाती हैं जो उनकी उत्तेजना में कमी लाती हैं, जिससे उनकी इच्छाएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं तथा अंतत: वह ठीक हो जाते हैं।

सर्वे में खुलकर स्वीकारे विवाहेतर संबंध
एक्सट्रा मारिटल डेटिंग एप ‘ग्लीडन’, जिसके देश में 13 लाख यूजर्स हैं, द्वारा मुंबई, बेंगलूर तथा कोलकाता में किए गए सर्वे में 20 प्रतिशत पुरुष तथा 13 प्रतिशत महिलाओं ने स्वीकार कि या कि उनके विवाहेतर संबंध किसी दूसरी स्त्री या पुरुष से हैं। जिन महिलाओं के विवाहेतर संबंध थे, उनमें से सत्तर प्रतिशत ने कहा कि पति घर के कामों में हाथ नहीं बंटाते, इसलिए उनका झुकाव दूसरे पुरुष की ओर हुआ। 77 प्रतिशत ने माना कि पति के अलावा दूसरे पुरुष से संबंध में एक्साइटमेंट रहता है। वहीं 40 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि दूसरे पुरुष से संबंध होने के बाद उनका अपने पति के प्रति प्रेम और आकर्षण अधिक बढ़ गया।

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