March 3, 2021
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शहर के आधे किशोर हाई बीपी की जद में!

  • 21 प्रतिशत किशोरों का ब्लड प्रेशर हाई, 28 प्रतिशत हाई के करीब
  • सप्ताह में तीन बार जंकफूड या कोल्ड ड्रिंक बना सकती है बीमार
  • फल और सब्जी का कम सेवन भी युवाओं में बढ़ा रहा रक्तचाप

जंक फूड का सेवन, व्यायाम की कमी, फल या सब्जी कम खाने वाले तथा सप्ताह में तीन बार से अधिक कोल्ड ड्रिंक लेने वाले शहर के किशोर किशोरावस्था में ही ब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज द्वारा किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि शहर के 21.16 प्रतिशत बच्चे हाइपर टेंशन से ग्रसित तथा 28.66 बच्चे हाइपरटेंशन के मुहाने पर हैं। अध्ययन में केवल 50.18 प्रतिशत बच्चों का ब्लड प्रेशर ही सामान्य पाया गया।

एसएन मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसन द्वारा 13 से 18 साल के नोंवी से 12वीं क्लास के 534 बच्चों का आधा घंटे के अंतराल से दो बार ब्लडप्रेशर लेकर जांच की गई। इनमें से दो सरकारी तथा दो प्राइवेट स्कूल थे। अध्ययन में बच्चों द्वारा लिए जाने वाले मील की संख्या, नियमित नाश्ता, फल खाना, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, एक्सरसाइज, टीवी देखते हुए खाना खाना, अतिरिक्त नमक लेना तथा मां-बाप की हाइपर टेंशन की हिस्ट्री संबंधी सवाल भी शामिल थे।

अध्ययन में पता चला कि हाईपर टेंशन के शिकार बच्चों में 27 प्रतिशत ऐसे बच्चे थे जो तीन या तीन से अधिक बार प्रतिदिन खाना खाते हैं। 22 प्रतिशत बच्चे सप्ताह में तीन दिन भी फल तथा  सब्जी का सेवन नहीं करते। सप्ताह में तीन से अधिक बार कोल्ड ड्रिंक पीने वाले बच्चों में 20.7 प्रतिशत, खाने के साथ अतिरिक्त नमक लेने वाले 26.5 प्रतिशत तथा सप्ताह में तीन दिन या उससे अधिक दिन जंक फूड खाने वाले बच्चों में 33.1 प्रतिशत बच्चे हाइपरटेंशन से ग्रसित पाए गए। साइकिल या पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों की तुलना में स्कूल बस या वैन से स्कूल जाने वाले बच्चे अधिक हाइपरटेंशन से पीड़ित पाए गए। अध्ययन में शामिल जो बच्चे हाइपरटेंशन से ग्रसित पाए गए, उनमें से 23 प्रतिशत से अधिक ओवरवेट तथा छह प्रतिशत से अधिक अत्यधिक मोटे थे। जो बच्चे टीवी देखते हुए अथवा पढ़ते हुए खाना खाते हैं, ऐसे बच्चों का ब्लडप्रेशर अधिक पाया गया। अध्ययन में सिफारिश की गई है कि स्कूल के छात्रों को इस दिशा में जागरूक करने की जरूरत है। उन्हें बताया जाना चाहिए कि बचपन में ही यदि हाइपरटेंशन के शिकार हो गए तो आने वाले समय में उन्हें किन-किन तरह की बीमारियों तथा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें समय-समय पर जागरूक किया जाए कि अधिक जंक फूड तथा कोल्ड ड्रिंक तथा कम सब्जी व फलों का सेवन उन्हें रोगी बना सकता है। स्कूल में समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करना भी जरूरी है।

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