April 13, 2021
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दिल्ली में खेत की मिट्टी से खेली जाएगी होली

  • किरावली में राकेश टिकैत ने किसानों का किया आह्वान
  • किसी भी दिन दिल्ली बुलाया जाएगा, तैयार रहें

किरावली के मिनी स्टेडियम में आयोजित किसान महापंचायत में किसान आंदोलन के प्रमुख चेहरे और भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सरकार के खिलाफ जमकर बरसे। उन्होंने किसानों को लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहने का संदेश देने के साथ ही इस बार होली अपने खेत की मिट्टी से खेलने का आह्वान किया। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के बाद राकेश टिकैत ने भी किसानों को झकझोरने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने किसानों से स्पष्ट कहा कि वह अपनी फसल की कटाई कर तैयार रहें। किसी भी दिन उनको दिल्ली आने का बुलावा दिया जा सकता है। इस बार दिल्ली को चार लाख नहीं चालीस लाख ट्रैक्टरों के साथ घेरा जाएगा। लोग अपने खेत की मिट्टी संग लेकर आएं और इस बार होली भी दिल्ली में ही खेत की मिट्टी से खेली जाएगी।

भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पहुंचने से पहले ही मैदान पर किसानों का बड़ी संख्या में जुटना प्रारंभ कर दिया था। हालांकि कुछ स्थानों पर बेरीकेडिंग लगाकर पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास भी किया पर जैसे ही आयोजकों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने हाईवे जाम करने का मंच से ऐलान कर दिया। आयोजकों के तेवर देख पुलिस ने किसानों को महापंचायत में जाने दिया। एकाध स्थानों पर किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए बेरीकेडिंग्स को खुद हटा दिया। महापंचायत में पहुंचने वाले किसानों के तेवर भी सरकार के खिलाफ स्पष्ट दिखाई दे रहे थे।

मंच पर राकेश टिकैत के पहुंचते ही किसान जोश से भरे दिखे। राकेश टिकैत ने भी किसानों को झकझोेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार को उद्योगपतियों के लिए काम करने वाली बताते हुए उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ने का ऐलान भी किया। उन्होंने किसानों को महाराजा सूरजमल और गोकुला जाट की याद दिलाते हुए एकजुट होने का आह्वान किया। वहां मौजूद किसानों पर राकेश टिकैत की एक-एक बात का प्रभाव दिखाई दे रहा था। जैसे-जैसे वह बोल रहे थे, किसान उनकी बात के समर्थन में जोरदार तालियां बजा रहे थे। साफ है कि जिस उद्देश्य टिकैत अभियान चलाए हुए हैं, आगरा में उनका अभियान सफल दिखाई दिया। उन्होंने पूर्व की महापंचायतों में घोषित फैसलों की जानकारी किसानों को दी। पुलिस के जवानों को भी उन्होंने परिवार का सदस्य बताते हुए ऐलान किया कि तीनों कृषि बिलों के वापसी के बाद उनके हक की लड़ाई भी लड़ी जाएगी। सरकार से सवाल भी किया कि जब सांसदों को पेंशन मिल सकती है तो पुलिस के जवानों को क्यों नहीं।

पंचायत की अध्यक्षता पंच परमेश्वर एवं राजवीर लवानिया ने की। फोरन सिंह इंदोलिया, हाजी सुल्तान, हरि चंद चौधरी, हरिविलास वैद्य, राजेंद्र सिंह सिसोदिया।

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