February 26, 2021
आगरा कैरियर शिक्षा सेहत

मास्साब अगर हैं बीमार, जांच करेंगे सीएमओ

  • बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के दौरान नहीं चलेगा इस बार बीमारी का बहाना, शासन ने भेजा पत्र
  • बोर्ड सचिव के शिक्षाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश, सीएमओ की एनओसी चाहिए

यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार बीमारी का बहाना नहीं चलेगा। मास्साब अगर बीमार हैं तो उन्हें सीएमओ से एनओसी लानी होगी। यूपी बोर्ड ने नियमों में बदलाव करते हुए तमाम नए निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश भर के शिक्षाधिकारियों को इस बाबत ऑनलाइन शासनादेश भेज दिया गया है। ताजनगरी में भी आदेश की कॉपी अफसरों के पास पहुंची है।

बदले हुए नियमों के तहत अब जो टीचर और प्रिसिंपल परीक्षा में ड्यूटी न करने के लिए हेल्थ को कारण बताएंगे, इनकी जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। सीएमओ से एनओसी मिलने के बाद ही इन टीचर्स को छुट्टी मिलेगी। इस संबंध में यूपी बोर्ड के सचिव  दिव्यकांत शुक्ल ने जिला विद्यालय निरीक्षकों, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है।

पत्र में लिखा है कि पिछले वर्ष देखा गया था कि तमाम शिक्षक,  व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक का काम नहीं करना चाहते हैं।  अस्वस्थता का प्रमाण पत्र देकर वे मेडिकल लीव ले लेते हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस कारण निर्णय लिया जा रहा है कि अब जो भी टीचर्स ड्यूटी करने के लिए मेडिकल लीव के लिए अप्लाई करेंगे, उनकी जांच की जाएगी। जांच जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) करेंगे। अगर शिक्षक वास्तव में बीमार हैं तो इस बाबत सीएमओ की ओर से ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। बिना इस प्रमाण पत्र के छुट्टी नहीं मिलेगी।

सिर्फ 15 दिन ही चलेंगी बोर्ड परीक्षाएं
यूपी बोर्ड के कक्षा दस और 12 की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू होने वाली हैं। इस बार परीक्षा सिर्फ 15 दिन में ही खत्म हो जाएगी। दसवीं की परीक्षाएं दस मई और 12वीं की परीक्षाएं 12 मई को खत्म होंगी। इस संबंध में बोर्ड की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी हो चुके हैं। ताजनगरी में भी इस बाबत जानकारी आ चुकी है। केंद्र आवंटन प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है। जो भी केंद्र बनाए गए हैं, वहां शिक्षाधिकारियों की टीम मुआयना कर, रख-रखाव के जरूरी काम पूरे कराएगी। इस संबंध में शासन की ओर से फंड भी जारी किया जाएगा।

फर्जी सर्टिफिकेट पर हो सकती है कार्रवाई भी
जो शिक्षक मेडिकल ग्राउंड पर छुट्टी लेना चाहते हैं और स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान वे स्वस्थ मिले तो उन्हें ड्यूटी करनी होगी। साथ ही बोर्ड की ओर से कार्रवाई भी की जा सकती है। पत्र के अनुसार पूर्व में तमाम शिक्षक स्वस्थ्य संबंधी परेशानी बता कर अथवा किसी चिकित्सक से मेडिकल प्रपत्र तैयार कर छुट्टी ले लेते थे, इससे परीक्षा कराने में काफी दिक्कतें आती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा और बगैर सीएमओ की रिपोर्ट के छुट्टी नहीं दी जाएगी। निर्देश न मानने वाले प्रिंसीपल, शिक्षक और शिक्षाधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई होगी।

शिक्षकों की छुट्टी के चलते बोर्ड परीक्षाएं बाधित होती हैं। पूर्व में देखा गया है कि तमाम शिक्षक बीमारी का प्रार्थना पत्र दे देते हैं। इस बार सभी की सीएमओ स्तर से जांच कराई जाएगी। जिन टीचर्स को वाकई समस्या है, उन्हें रियायत दी जाएगी।

दिव्यकांत शुक्ला (बोर्ड सचिव)

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