February 26, 2021
अंतर्राष्ट्रीय ताजा राष्ट्रीय

भारतीय जांबाजों ने चीन की सेना को खदेड़ दिया

  • सिक्किम के नाकूला में चीन की साजिश नाकाम
  • संघर्ष में चीन के 20 सैनिक हुए घायल
  • हाथापाई में भारत के भी चार जवान जख्मी
  • एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन स्थिर

पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव के बीच सिक्किम में भारत और चीन की सेना में फिर बड़ी झड़प हुई। यह वाकया तीन दिन पहले का है, जिसका खुलासा आज किया गया है। बताया जाता है कि तीन दिन पहले सिक्किम के नाकूला में चीनी सेना ने एलएसी पार करने की कोशिश की और यहां यथास्थिति को बदलने का नाकाम प्रयास किया। चीनी                सैनिक भारतीय क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन भारतीय सैनिकों ने न सिर्फ उन्हें रोक दिया बल्कि एलएसी के पास काफी पीछे खदेड़ दिया।

इस दौरान भारत और चीन के सैनिकों में हाथापाई हुई। इसमें भारत के चार जवान घायल हुए हैं, जबकि चीन के 20 जवान जख्मी हुए हैं। हालांकि स्थिति अभी तक तनावपूर्ण बनी हुई है लेकिन स्थिर है। भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय क्षेत्र के साथ सभी प्वॉइंट पर मौसम की स्थिति खराब होने के बावजूद कड़ी चौकसी बरती जा रही है। हम चीन किसी भी नापाक इरादे को किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने देने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

इस पूरी झड़प में हथियारों का इस्तेमाल नहीं हुआ है। नाकू ला सेक्टर समुद्रतल से 5,000 मीटर से भी ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है। इतनी ऊंचाई पर इतनी भयंकर ठंड में ऐसी घटना होना बताता है कि लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर दोनों देशों के बीच हालात कितने खराब हैं।

गौरतलब है कि चीन ने इसी तरह की कोशिश पिछले साल मई महीने में की थी। पैंगोंग झील के निकट की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हुए संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। बताया जाता है कि इस संघर्ष में चीन के 43 जवान हताहत हुए थे। कुछ सैनिकों को चीन और भारत ने बंदी भी बना लिया था लेकिन बात में वार्ता के दौरान उन्हें रिहा कर दिया गया था। भारत ने इस दौरान चीन के दस जवानों को गिरफ्तार कर लिया था।

हालांकि बाद में भारत और चीन के विदेश मंत्रालय ने किसी भी जवान को गिरफ्तार किए जाने की खबर से इनकार किया था। एलएसी पर लगातार तनाव के बीच भारत और चीन के बीच नौवें दौर की वार्ता कल देर रात तक हुई। भारत ने एक बार फिर चीन से साफ कर दिया है कि उसे पैंगोंग झील के पास से पूरी तरह पीछे हटना होगा और मई से पहले की स्थिति में जाना होगा। यह वार्ता कल 17 घंटे तक चली। हालांकि इसका निष्कर्ष क्या निकला, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। एलएसी पर भारत और चीन के 50-50 हजार जवान तैनात हैं और भीषण बर्फबारी तथा शून्य काफी नीचे तापमान पर वे लगातार सीमा पर नजरें बनाए हुए हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *