February 28, 2021
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जाट बेल्ट में जोश भर गए जयंत

रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी अपनी खोई हुई विरासत को दुबारा से वापस पाने की मुहिम के तहत शनिवार को आगरा की जाट बेल्ट में जोश भर गए। अकोला की किसान महापंचायत में जयंत जैसे-जैसे विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेर रहे थे, लोगों में जोश भरता जा रहा था। पंचायत के बाद भी लोग उनकी कही बातों पर चर्चा करते रहे। 

किसान आंदोलन के समर्थन में जाट बेल्ट अकोला स्थित चाहरवाटी इंटर कॉलेज के मैदान पर महापंचायत करने आए जयंत को देखते ही लोग उत्साह और जोश के साथ नारेबाजी करने लगे। मैदान खचाखच भरा हुआ था। पंचायत में जुटी भीड़ को देखकर जयंत भी काफी गदगद दिखे। साथ ही आगरा में निष्क्रिय पड़े संगठन में भी नई जान आ गई। इस दौरान उन्हें किसी ने हल तो किसी ने लाठी भेंट की।

कृषि बिलों का विरोध
जयंत ने तीनों कृषि बिलों के विरोध के जरिए सभी को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। साफ कह दिया कि सरकार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने जैसे ही भाजपाइयों द्वारा किसानों के खिलाफ आंतकी, टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसे शब्दों पर का प्रयोग किए जाने का जिक्र किया तो वहां मौजूद लोगों में भी सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रोश दिखाई दिया। जाट बेल्ट से चुने गए भाजपा सांसदों को लपेटने से भी जयंत नहीं चूके। उन्होंने 2019 में भाजपा की तीन सौ तीन सीटों को थ्री नॉट थ्री की राइफल की संज्ञा देते हुए कह डाला कि जैसे ये राइफल आउटडेटेड हो गई हैं, वैसे ही भाजपा सदस्य भी आउटडेटेड हो चुके हैं। इस पर लोगों ने जोरदार ताली बजाकर उनका समर्थन किया।

एकजुटता पर दिया जोर
जयंत ने पंचायत में सभी से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्हें समझाया कि वे किसी धर्म और जाति के नाम पर नहीं सिर्फ विकास के लिए एकजुट हों। किसानों के लिए एकजुट हों। गांव के गांव गोल करें, तभी जीत होगी। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी हमला बोला।

सरकार पर हमला
महापंचायत में जयंत चौधरी लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं। नये कृषि बिलों का जमकर विरोध कर रहे हैं। बिलों की वापसी तक आंदोलन चलाने की बात करते हुए सभी से एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं। महापंचायत के दौरान वह समर्थकों के जोश की भी टोह ले रहे हैं। साथ ही अब उन लोगों को भी चेतावनी देने से नहीं चूक रहे हैं, जो गर्त के दिनों में उनका साथ छोड़कर चले गए हैं। उनका साफ कहना है कि चुनाव के दरम्यान टिकट उस कार्यकर्ताओं को ही दी जाएगी, जो जनता के बीच में लगातार सक्रिय रहा हो।

रायभा टोल पर स्वागत
रायभा टोल पर जयंत चौधरी का स्वागत जनक सिंह सिकरवार,संजीव चौधरी,बच्चू सिंह,हरेंद्र व्यास, बाबूलाल वाल्मीकि, धर्मवीर सिंह, अर्जुन बघेल आदि ने किया।

लोगों को रोकने का आरोप
रालोद के प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर व मंडल अध्यक्ष नरेंद्र बघेल ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया कि पुलिस और जिला प्रशासन ने अकोला किसान पंचायत को असफल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। किसानों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरीकेडिंग लगा दी गई थीं। किसानों को पुलिस द्वारा डराया धमकाया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसानों ने एकत्रित होकर संदेश दे दिया है कि किसानों को रोकने से नहीं रोका जा सकता।

मंच पर बिछवाई खाट
महापंचायत में पहुंचते ही जयंत चौधरी ने पंचायत के मंच पर एक खाट बिछवाई। इस पर पंच परमेश्वरों को बिठाया और खुद नीचे मंच पर बैठे। खाट पर बाबा बने सिंह, पंडित लायक राम उपाध्याय, इमामुद्दीन कुरैशी, केदार सिंह धाकरे और भगवान सिंह दिवाकर को बिठाया गया और खुद नीचे बैठे।

कांग्रेस व सपा छोड़ी
महापंचायत में किसान संगठनों के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने रालोद में शामिल होने की घोषणा की। किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अवधेश सोलंकी, सपा के जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, भाकियू के जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां, किसान यूनियन लोक शक्ति की एकता प्रशांत सिंह, किसान नेत्री सावित्री चाहर, किसान मजदूर यूनियन के राजवीर सिंह, किसान नेता वीरेंद्र लवानियां, डा अंगद सिंह धारिया आदि ने रालोद की सदस्यता ली। पंचायत को संयोजक चौधरी गोपीचंद, कप्तान सिंह चाहर युवा रालोद के राष्ट्रीय महासचिव बृजेश चाहर, चौधरी रामवीर सिंह, मुकेश पहलवान, दुर्गेश शुक्ला, दुर्गेश बघेल, चौधरी नरेंद्र सिंह, लोचन चौधरी आदि ने भी संबोधित किया। संचालन नरेंद्र बघेल ने किया।

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