March 7, 2021
आगरा इतिहास ताजा पॉलिटिक्स

हाईकोर्ट की चौखट पर दस्तक

  • जॉन्स मिल संपत्ति मामला
  • 40-50 लोगों की ओर से दाखिल याचिका पर आज हो रही है सुनवाई
  • एक याचिका में न्यायालय ने नई याचिका दाखिल करने का दिया आदेश

जॉन्स मिल मामले में प्रशासन की जांच की जद में आए 40-50 लोगों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। आज उनकी याचिका पर सुनवाई होनी है। हालांकि इससे पूर्व एक और याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट आदेश जारी करती, उससे पहले ही याचिकाकर्ता के अधिवक्ता और सरकार के अधिवक्ता की सहमति से हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को दुबारा आठ फरवरी से पहले नई याचिका प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया। हाईकोर्ट को बताया गया है कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी है, उनको नोटिस जारी कर दिए गये हैं पर आज तक इन लोगों को फिजिकली कोई भी नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।

प्रशासन की जांच की जद में आए गंभीरमल पांड्या प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने 21 जनवरी को सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी के खिलाफ सख्त टिप्पणी की थी। जैसे ही यह जानकारी स्थानीय अधिकारियों को मिली तो आनन-फानन में प्रदेश के महाधिवक्ता से बात की गई। उनके द्वारा न्यायालय में पहुंचकर इस मामले में पैरवी की गई। न्यायालय को बताया गया कि आरोपियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से लगातार कहा गया कि उनको जांच रिपोर्ट बनाते समय सुना ही नहीं गया और न ही पूर्व की जांच और न्यायालयों के आदेशों को जांच रिपोर्ट में संज्ञान में लिया गया है। इस मामले में सरकारी अधिवक्ता का कहना था कि पहले याचिकाकर्ता को जो नोटिस दिए गये हैं, उनका समुचित जबाव दाखिल करें। इस मामले में अभी जांच चल रही हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की वार्ता के बाद याचिकाकर्ता को दुबारा नई याचिका दाखिल करने का आदेश दिया है। गंभीरमल पांड्या की ओर से नई याचिका दाखिल करने की तैयारी चल रही हैं। गंभीरमल पांड्या की एक याचिका पर गत दिवस मंगलवार को सुनवाई हो चुकी है। इस मामले में प्रशासन की ओर पेश हुए सरकारी वकील ने न्यायालय ने हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांग लिया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी।

इधर जॉन्स मिल मामले की जद में आए 40-50 लोगों ने एक साथ मिलकर हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। इनका भी कहना है कि उन्हें बिना सुने ही जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज देखने के बाद ही जमीनों की खरीद-फरोख्त की है। इसके बावजूद उन्हें अवैध ठहराया जा रहा है। पानी और बिजली के कनेक्शनों पर रोक लगा दी गई है। इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज होगी। पीड़ितों को आज हाईकोर्ट के रुख का इंतजार है। उन्हें उम्मीद है कि आज हाईकोर्ट से उन्हें कोई न कोई राहत अवश्य मिलेगी। इसको लेकर तमाम लोग हाईकोर्ट प्रयागराज पहुंच चुके हैं। साफ है कि मामला अब न्यायालय की चौखट पर दस्तक दे चुका है। लगता है प्रशासन भी अब फूंक-फूंक कर ही कदम उठाएगा। प्रशासन को भी हाईकोर्ट के रुख का इंतजार रहेगा।

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