February 27, 2021
आगरा उत्तर प्रदेश ताजा रेलवे

मथुरा-झांसी तीसरी रेल लाइन के लिए वन विभाग की हरी झंडी का इंतजार

  • सुप्रीम कोर्ट ने दी रास्ते के पेड़ काटने की अनुमति
  • एक्सप्रेस ट्रेनों के रफ्तार की बाधा हो जाएगी दूर

मथुरा से झांसी तक तीसरी रेल लाइन डाले जाने की अंतिम बाधा भी जल्द दूर होगी। सुप्रीम कोर्ट से कार्य में बाधा बन रहे पेड़ों को काटे जाने की अनुमति मिलने के बाद अब केवल वन विभाग की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है। तीसरी लाइन पड़ने के बाद रेलों की गति में भी तेजी आ जाएगी। तीसरी रेल लाइन आगरा शहर के स्टेशनों से न गुजरेगी। इसके लिए कीठम से भाड़ई स्टेशन तक अलग से ट्रैक बिछाया जाएगा।  गौरतलब है कि मथुरा से झांसी तक तीसरी रेल लाइन डाले जाने का काम पिछले वर्षों में प्रारंभ कर दिया गया था पर रास्ते में बड़ी संख्या में पेड़ों के आने के कारण मामला रुका पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट से अब रास्ते में आने वाले 4108 पेड़ काटे जाने की अनुमति मिल चुकी है। मथुरा में 1800 से अधिक पेड़ काटे जाएंगे, जबकि आगरा में 2263 पेड़ काटे जाने जाने हैं। आगरा में कीठम से भांडई जाने वाली बाइपास रेल लाइन के बीच आने वाले पेड़ काटे जाएंगे। वन विभाग की अनुमति मिलने के बाद तीसरी रेल लाइन को डाले जाने के काम में तेजी आ जाएगी। तीसरी लाइन के लिए राजामंडी और आगरा कैंट स्टेशन पर जमीन उपलब्ध न होने के कारण कीठम से भांडई स्टेशन तक बाईपास बनेगा। बाईपास रेल लाइन की दूरी लगभग 26 किमी होगी।

बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
तीसरी रेल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी, जिससे यात्रियों को भी यात्रा में सुगमता होगी। कई बार एक्सप्रेस ट्रेनों को तेजी से गुजारने के चक्कर में यात्री गाड़ियों को बीच में ही रोक दिया जाता है। जब तक वे गुजर नहीं जाती, तब ट्रेनों को रोके रहना पड़ता है। तीसरी रेल लाइन के बाद इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि मथुरा से आगरा होते हुए झांसी तक करीब 100 से ज्यादा ट्रेनों हर दिन दौड़ती हैं। इसके अलावा मालगाड़ियां भी इन्हीं पटरियों से गुजारी जाती हैं। ऐसे में ट्रैक काफी व्यस्त रहता है। तीसरी लाइन बनने के बाद ट्रैक पर दबाव कम होगा। तीसरी रेल लाइन 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के हिसाब बनाई जाएगी।

गतिमान को मिल जाएगी रफ्तार
160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली गतिमान को तीसरी लाइन पड़ने के बाद रफ्तार मिल जाएगी। इसके अलावा राजधानी, शताब्दी और मेल-एक्सप्रेस की गति में भी इजाफा होगा। आगरा रेल मंडल के पीआरओ एसके श्रीवास्तव का कहना है कि तीसरी लाइन से यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ेगी। अभी यात्री ट्रेनों को गुजारने के लिए मालगाड़ी को रोक दिया जाता है, लेकिन जब तीसरा ट्रैक होगा तो मालगाड़ी को रास्ता मिलेगा। इससे मालगाड़ियां समय पर पहुंचेंगी और उनकी फ्रीक्वेंसी में भी बढ़ोत्तरी होगी। इसके साथ अगर कभी कोई दुर्घटना या ट्रैक फ्रेक्चर होता है तो तब भी तीसरी लाइन का फायदा मिलेगा।

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