June 15, 2021
उत्तर प्रदेश क्राइम ताजा

कासगंज सिपाही हत्याकांड का मुख्य आरोपी मोती भी मारा गया

उत्तर प्रदेश के कासगंज में गत नौ फरवरी को हुए सिपाही हत्याकांड के मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी बदमाश मोती धीमर को आज तड़के करीब तीन बजे पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसके पास से दरोगा की गायब पिस्टल भी बरामद की गई है। कासगंज पुलिस के दरोगा अशोक पाल अपने हमराह सिपाही देवेंद्र के साथ शराब माफियाओं पर कार्रवाई करने निकले थे। वहां दुर्दांत अपराधी मोती धीमर के शराब के अड्डे पर छापेमारी के दौरान पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर मारपीट की गई थी। मोती ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों को नंगा करके पीटा था।

पुलिसकर्मियों पर बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उन्हें लाठी और लोहे के भाले के प्रहार से घायल कर दिया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कांबिंग के दौरान लहूलुहान हालात में मिले दरोगा अशोक पाल और सिपाही देवेंद्र को अस्पताल भिजवाया, जहां उपचार के दौरान गंभीर रूप से घायल सिपाही देवेंद्र ने दम तोड़ दिया था। दरोगा अशोक पाल को गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर कर दिया गया था, जहां वो उपचाराधीन हैं। घटना के बाद एसआईटी की पांच टीमों समेत पुलिस और एसओजी की कुल 12 टीमें गठित की गईं थीं। खुद सीएम योगी और डीजीपी अवस्थी घटना की मॉनिटरिंग कर रहे थे। घटना के 12 दिन बाद पुलिस टीम को मुखबिर की सूचना पर यह बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

इस घटनाक्रम में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना के दूसरे दिन ही मुख्य आरोपी मोती धीमर के भाई एलकार को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था तथा उसके मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, घटना के आठ दिन बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस टीम पर हमले के बाद पुलिस की गिरफ्त में मुख्य आरोपी मोती के न आने के कारण पुलिस टीम पर मामले में शिथिलता बरतने के आरोप लगने शुरू हो गए थे। पुलिस की कार्यशैली से नाराज सीएम योगी घटना का शीघ्र अनावरण करने के निर्देश दिए थे। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सीओ पाटियाली गवेन्द्र पाल गौतम को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *