March 3, 2021
आगरा कारोबार बिजली विभाग

लापरवाह बिजली अफसर पर गिरेगी गाज

  • पावर कार्पोरेशन के चेयरमेन की विदाई के बाद दक्षिणांचल निगम में भी बदलाव की सुगबुगाहट
  • आईएएस एम देवराज को सौंपी प्रमुख सचिव (ऊर्जा) की भी जिम्मेदारी, चचाएं तेज

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की नाराजगी से हटाए गए पावर कार्पोरेशन के चेयरमेन अरविंद कुमार के बाद अब बारी प्रदेश की डिस्कॉम में तैनात अधिकारियों की है। बिजली विभाग के चारों निगमों और केस्को के कई अफसरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। आगरा के दक्षिणांचल निगम में भी बदलाव की सुगबुहाट है। जल्द ही लिस्ट जारी हो सकती है।

हाल में ही ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने एक कड़ा ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड) के चेयरमैन को टैग करते हुए लिखा था कि उपभोक्ताओं को सही बिल समय पर मिले, यह यूपीपीसीएल चेयरमैन की जिम्मेदारी है। जुलाई 2018 में बिलिंग एजेंसियों से हुए करार के मुताबिक आठ महीने में शहरी व 12 महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में 97 फीसदी डाउनलोडेबल बिलिंग होनी थी, लेकिन आज भी यह 10.64 फीसदी ही है। यह घोर लापरवाही है। इस ट्वीट के बाद से ही चेयरमैन की विदाई तय मानी जा रही थी।

शासन ने अरविंद कुमार को हटा कर एसीएस औद्योगिक विकास का चार्ज दिया गया है और पावर कार्पोरेशन के ही एमडी आईएएस एम देवराज को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। एम देवराज अब प्रमुख सचिव (ऊर्जा) भी होंगे। इस उलटफेर के बाद अब बिजली महकमे की सभी डिस्कॉम में तबादलों की चर्चाएं जोरों पर हैं। लगातार शिकायतें और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। सूत्र बताते हैं शासन स्तर से ही सभी निगमों में तैनात लापरवाह अफसरों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। जल्द ही यह लिस्ट भी जारी हो जाएगी।

ऊर्जा मंत्री ने किया था दौरा
इस उलटफेर और संभावित तबादलों को हाल में ही चारों निगमों में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के दौरों से जोड़ कर देखा जा रहा है। आगरा में दक्षिणांचल निगम के मुख्यालय में भी ऊर्जा मंत्री पहुंचे थे और कुछ अधिकारियों के कार्यों पर नाराजगी जताई थी। ये अधिकारी अधिशाषी अभियंता स्तर या उससे ऊंचे पदों पर बैठे हैं। इनकी लिस्ट भी शासन स्तर से ही तैयार की जा रही है।
सिफारिशों का दौर भी शुरू
तबादलों की सुगबुहाट के साथ ही सिफारिशों का दौर भी शुरू हो गया है। सम्मानजनक तबादले को लेकर कई अधिकारी हाथ-पांव मार रहे हैं। न केवल विभागीय वरिष्ठतम अधिकारियों बल्कि सत्ताधारियों के भी संपर्क में हैं। कुछ लापरवाह अफसरों की कोशिश इस बात की है कि अगर तबादला होना ही है तो सम्मानजनक तरीके से हो अन्यथा विभागीय बदनामी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री के दूत बन कर आए थे
पावर कार्पोरेशन के नए चेयरमेन एम देवराज कोरोनाकाल में ताजनगरी के नोडल अधिकारी बन कर आए थे। उन्हें मुख्यमंत्री के दूत के तौर पर देखा गया था। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को अपनी रणनीति में कई बदलाव करने के निर्देश दिए थे। जिसका असर भी दिखाई दिया था। उनके पूर्व आगरा के नोडल अधिकारी के तौर पर आलोक कुमार ने भी यहां अफसरों संग बैठक की थी।

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