April 13, 2021
आगरा कैरियर ताजा नगर निगम

नए भवनों पर एडीए की एनओसी के बगैर विद्युत का कनेक्शन नहीं

अब व्यावसायिक व आवासीय भवनों में बिजली का संयोजन तभी मिलेगा, जब आगरा विकास प्राधिकरण से एनओसी मिल जाएगी। साफ है कि बिना मानचित्र के बनने वाले भवनों पर रोक लगाने के लिए प्राधिकरण बोर्ड द्वारा ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी के साथ बोर्ड ने सड़क पर ट्रांसफार्मर लगाने पर भी रोक लगाने का फैसला लिया है। विद्युत विभाग अब ट्रांसफार्मर मुख्य सड़क की वजाय अंदर लगाएगा। यदि किसी स्थान पर सड़क पर ट्रांसफार्मर लगाना भी पड़ा तो उसका नगर निगम किराया वसूलेगा। बोर्ड में मेट्रो सेस लगाने से लेकर जूता मंडी, मोबाइल टावर, रेन वाटर हार्वेस्ंटिग के मुद्दे पर भी लंबी चर्चा कर महत्वपूर्ण फैसले लिए गये। शास्त्रीपुरम में थाने के लिए जमीन देने के मामले में बोर्ड बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका। इधर बजट वर्ष 21-22 के बजट पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी।

पहली बार प्राधिकरण परिसर से बाहर स्मार्ट सिटी के सभागार में हुई एडीए बोर्ड बैठक में मेट्रो सेस को लेकर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान बोर्ड के नामित सदस्य नागेंद्र दुबे गामा ने सेस लगाए जाने का विरोध किया। उनका तर्क था कि कोरोना के कारण वैसे ही लोगों के रोजगार और व्यापार चौपट हो चुके हैं, ऐसे में एक अतिरिक्त कर लगाकर उन पर बोझ नहीं डालना चाहिए। इस पर मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने एडीए द्वारा मेट्रो को दिए जाने वाले अंश का हवाला देते हुए इस पर निर्णय लेने की बात कही। गामा के बात का दोनों नामित सदस्य विजय दत्त पालीवाल और शिवशंकर शर्मा ने भी समर्थन किया। इसके बाद तय हुआ कि अब मेट्रो लाइन के दोनों ओर 500-500 मीटर तक यदि कोई व्यक्ति नया निर्माण करता है तो उसे मानचित्र स्वीकृति के लिए विकास शुल्क के ही 10 फीसदी मेट्रो सेस देना होगा।

जूता मंडी को अन्य के लिए खोलने पर विचार
करोड़ों रुपये की लागत से नार्मल ग्राउंड पर बनी जूता मंडी की खाली पड़ी दुकानों को अब जूता कारोबार से जुड़े अन्य लोगों को दिए जाने पर विचार किया जाएगा। बोर्ड बैठक में उठे इस मुद्दे पर सदस्यों का मानना था कि जूता मंडी में एक विशेष जाति वर्ग को ही दुकान आवंटित करने के फैसले में परिवर्तन कर इसको जूता कारोबार से जुड़े सभी जाति वर्गों के लिए खोल दिया जाए। इस पर तय हुआ कि प्राधिकरण के अधिकारी इस मुद्दे पर वहां के आवंटियों के साथ चर्चा कर इस पर सहमति बनाएंगे।

एडीए हाइट्स अब किराए पर
बोर्ड की बैठक में एडीए हाइट्स में खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री न होने पर चर्चा हुई। इस पर नामित सदस्यों का कहना था कि प्राइवेट बिल्डरों द्वारा उसी क्षेत्र में बनाए गये सभी फ्लैट बिक चुके हैं या बिक रहे हैं, जबकि प्राधिकरण की संपत्ति के खरीदार नहीं हैं। सदस्य शिवशंकर ने सुझाव दिया कि इससे रेट रिवाइज किए जाएं। प्राइवेट बिल्डरों के बराबर फ्लैट का मूल्य लाने के सुझाव पर मंडलायुक्त ने एडीए उपाध्यक्ष को रेट रिवाइज करने को कहा। इसी के साथ अस्थायी आय के लिए एडीए फ्लैट्स को पीएसी और यूपीएमआरसी को दिए जाने पर भी बोर्ड की मुहर लग गई।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर
बोर्ड बैठक में तय हुआ है कि सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्ंटिग सिस्टम लगाने के साथ ही बहुमंजिला इमारतों में इसकी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए आरडब्ल्यूए से राशि ली जाएगी और योजना का क्रियान्वयन प्राधिकरण द्वारा कराया जाएगा। साथ ही दो सौ मीटर से अधिक साइज के प्लाट पर भी अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्ंिटग सिस्टम लगाया जाएगा। मानचित्र स्वीकृत करते समय भू स्वामी से इसकी कीमत वसूली जाएगी।

अब महानगर की सड़कों पर नहीं लगाए जा सकेंगे विद्युत ट्रांसफार्मर, मेट्रो ट्रैक के दोनों ओर 500 मीटर की परिधि में नव निर्माण पर मेट्रो सेस

ईडब्ल्यूएस मकान सुधरेंगे
बोर्ड बैठक में सदस्यों ने ईडब्ल्यूएस मकानों की दुर्दशा का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया। बैठक में सुझाव दिया गया कि प्राधिकरण के मॉडल भवन बनाए और गरीबों को इस भवन को दिखाकर आगे के भवन भी उसे उसी तर्ज पर बनाकर दे। यदि इसकी कीमत में इजाफा होता है तो उसे खरीदार से वसूले। गरीबों को एक आदर्श मकान बनाकर दिया जाए। इस पर बोर्ड के सभी सदस्यों ने सहमति जताई।

एडीए हाइट्स अब किराए पर
बोर्ड की बैठक में एडीए हाइट्स में खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री न होने पर चर्चा हुई। इस पर नामित सदस्यों का कहना था कि प्राइवेट बिल्डरों द्वारा उसी क्षेत्र में बनाए गये सभी फ्लैट बिक चुके हैं या बिक रहे हैं, जबकि प्राधिकरण की संपत्ति के खरीदार नहीं हैं। सदस्य शिवशंकर ने सुझाव दिया कि इससे रेट रिवाइज किए जाएं। प्राइवेट बिल्डरों के बराबर फ्लैट का मूल्य लाने के सुझाव पर मंडलायुक्त ने एडीए उपाध्यक्ष को रेट रिवाइज करने को कहा। इसी के साथ अस्थायी आय के लिए एडीए फ्लैट्स को पीएसी और यूपीएमआरसी को दिए जाने पर भी बोर्ड की मुहर लग गई।

हर तीन माह में होगी बैठक
बोर्ड के नामित सदस्यों ने बोर्ड की बैठक हर तीन माह में आयोजित करने की मांग रखी, जिस पर बोर्ड के सभी सदस्यों ने सहमति जताई। साथ ही बिना एडीए की स्वीकृति शहर में लगे मोबाइल टावरों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है। सबसे पहले इसकी शुरूआत ताजगंज क्षेत्र से होगी। यहां लगे मोबाइल टावरों की जांच के बाद हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। साथ ही रहनकलां में सात हेक्टेयर जमीन यूपीएमआरसी को किराए पर देने पर सहमति बनी। यहां पर मेट्रो अपना कास्टिंग यार्ड बनाएगी। बैठक में प्राधिकरणकर्मियों के बीमारी के बिलों को भी पास करने पर सहमति बनी।

टंकियों की होगी जांच
बैठक में नामित सदस्यों ने प्राधिकरण द्वारा शहर में बनवाई गईं 10-12 पानी की टंकियों के अभी तक प्रयोग में न लाने का मुद्दा उठाया गया। इस पर बोर्ड के सदस्यों ने फैसला लिया कि इन टंकियों की आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञों से जांच कर पता किया जाए कि क्या ये टंकियां अभी भी पानी का भार सहने की स्थिति में हैं या नहीं। यदि ये बेकार साबित होती हैं तो इनको बनवाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यदि रिपोर्ट में इनको सही पाया जाता है तो इनको भरकर लोगों को पेयजल की आपूर्ति की जाए।

ये रहे मौजूद
बैठक में मंडलायुक्त अमित गुप्ता, जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार, एडीए वीसी राजेंद्र पैंसिया, नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे, नामित सदस्य विजयदत्त पालीवाल, शिवशंकर शर्मा, नागेंद्र दुबे गामा, एडीए सचिव राजेंद्र त्रिपाठी, नगर नियोजक आरके सिंह, मुख्य अभियंता सत्येंद्र नागर आदि मौजूद रहे।

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