February 26, 2021
आगरा ताजा नगर निगम

अब रोज नहाएंगी आगरा की सड़कें

  • शहर में प्रदूषण की रोकथाम पर डीएम सख्त, कई विभागों को मिलकर काम करने को कहा
  • उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम ने प्रस्तुत की अपनी कार्य योजनाएं

अब ताजनगरी में इंसानों के नहाने से ही काम नहीं चलेगा बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए यहां की सड़कों को भी नहाना पड़ेगा। एयर एक्शन प्लान के तहत कई विभागों को एकजुट होकर शहर में प्रदूषण की प्रभावी रोकथाम को लेकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल आगरा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर रहता है। बीते दिनों जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने जिला पर्यावरण समिति की बैठक में इसे लेकर चिंता जाहिर की थी। प्रदूषण की रोकथाम और इसमें कमी लाने के लिए उन्होंने कई विभागों को एकजुट होकर काम करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में ताजनगरी और आस-पास के क्षेत्रों में धुंए और सड़कों से उठने वाली धूल की वजह से स्मॉग के वातावरण को देखते हुए सड़कों की धुलाई की तैयारी की जा रही है। ज्ञात हो कि ताजनगरी में प्रदूषण की वजह से हालात खराब हो रहे हैं, जिस पर पहले एनजीटी ने भी चिंता जाहिर की थी। इसके बाद आईआईटी कानपुर ने भी अध्ययन किया और कई सिफारिशें की थीं, जिन्हें लागू नहीं किया गया। अब जिलाधिकारी ने इस पर सख्ती की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम से ब्यौरा मांगा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कहा गया है कि वो नगर की सड़कों में डस्ट लोड का आंकलन करे और उसकी सूचना नगर निगम, विकास प्राधिकरण व नोएडा अथॉरिटी को उपलब्ध कराए। जहां डस्ट लोड अधिक है वहां प्रभावी तरीके से ट्रीटेड वॉटर के जरिए नाइट वॉशिंग और वैक्यूम क्लीनिंग कराई जाए। इसके अलावा पालीवाल पार्क के बाहर भी नियमित रूप से साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।

एनएचएआई हर 15 दिन पर दे डस्ट रिपोर्ट
नगर निगम द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि रुनकता से कुबेरपुर और रामबाग से खंदौली तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का टोल रोड है। यह शहर के नजदीक से ही गुजरते हैं। इनकी साफ-सफाई के लिए वेंडर निर्धारित हैं, लेकिन उनके द्वारा साफ-सफाई कार्य नहीं किया जा रहा है। पानी का छिड़काव भी नहीं किया जाता। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एनएचएआई अपनी टोल रोड पर डस्ट पॉल्यूशन पर कार्यवाही करे और उसकी पाक्षिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को उपलब्ध कराए।

धूल उड़ाने वालों पर होगा 5 से 25 हजार का जुर्माना
आगरा शहर में एयर एक्शन प्लान के तहत नगर निगम ने 11 बिंदुओं का सूक्ष्म प्लान तैयार किया है। इसके तहत निर्माण और ध्वस्तीकरण वाले ऐसे स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं, जो धूल-मिट्टी का उत्सर्जन कर रहे हैं। तय किया गया है कि ऐसे छोटे स्थानों पर 5000 रुपये जबकि अत्यधिक धूल-मिट्टी उड़ाने वाले बडे़ स्थानों पर 25000 रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा।

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