February 26, 2021
अन्य आगरा ट्रांसपोर्ट ताजा

अब स्क्रैप पॉलिसी के तहत नजर पैनी

ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) होने की वजह से आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद में पहले ही 1.82 लाख वाहनों को गैर पंजीकृत किया जा चुका है। अब बजट में हुए ऐलान और स्क्रैप पॉलिसी के तहत ऐसे वाहन जो 15 साल की आयु सीमा पूरी कर चुके हैं और कंडम हालत में भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं, उन पर संभागीय परिवहन विभाग नजर पैनी करेगा। इन्हें सड़कों से बाहर किया जाएगा।

टीटीजेड में आने की वजह से हाल ही में सर्वाधिक वाहनों के पंजीयन आगरा में रद हुए हैं। वहीं, वायु व ध्वनि प्रदूषण करने वाले वाहनों से 24.53 लाख रुपये जुमार्ना वसूला गया है। अब इसकी घोषणा बजट के दौरान नई स्क्रैप पॉलिसी में भी हो गई है। हालांकि आगरा में परिवहन अधिकारियों की मानें तो पहले ही यह पॉलिसी लागू है और वर्ष 2004 से पुराने वाहनों को रजिस्टर्ड करने का प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके कुछ वाहन चोरी-छिपे चलाए जा रहे हैं तो उन्हें भी अब सड़कों से बाहर कर दिया जाएगा।

आगरा टीटीजेड में पहले ही रद हो चुके हैं 1.82 लाख वाहनों के पंजीयन

परिवहन अधिकारियों ने बताया कि अब तक कई जिलों में 15 या 20 वर्ष से पुराने वाहन पंजीकृत हो जाते थे, तो लोग इन्हें खरीदते-बेचते भी थे, लेकिन अब किसी भी जनपद में यह वाहन रजिस्टर्ड नहीं हो सकेंगे। इससे इनकी खरीद और बिक्री भी रुक जाएगी। सड़कों पर इन्हें दौड़ाने पर चालान तो होगा ही, वाहन सीज भी कर दिया जाएगा। इससे वायु की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीदें भी जताई जा रही हैं।

बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), कानपुर से ताजमहल केंद्रित सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी कराई गई थी। आगरा में वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार अति सूक्ष्म कणों में वाहनों का 19 फीसद योगदान पाया गया था। इसके बाद टीटीजेड में शामिल आगरा, मथुरा व फीरोजाबाद में 15 वर्ष पुराने गैर-परिवहन वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें जिलों में जुलाई, 2020 तक 15 वर्ष पुराने 182793 वाहनों का पंजीयन रद किया गया है। टीटीजेड में 59 प्रदूषण जांच केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

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