March 3, 2021
आगरा कारोबार क्राइम ताजा सेहत

25 हजार रुपये माह के लिए प्रिंसिपल ने जमीर बेच दिया

  • अवैध दवा के कारोबार से आगरा पर लग रहे बदनुमा दाग
  • पैसे के लिए शिक्षा के मंदिर को बना डाला दवा का गोदाम
  • कॉलेज के अध्यक्ष व प्राचार्य एक दूसरे पर लगा रहे आरोप

अवैध दवा कारोबार ने ताजनगरी में जड़ें जमा ली हैं। अवैध गोदामों से लेकर कॉलेज तक से दवा का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। खासपुर दयालबाग स्थित एसएस कालेज से मिले दवाओं के जखीरे ने साबित कर दिया है कि महज 25 हजार रुपये के मासिक लाभ के लिए कॉलेज का प्रिसिंपल तक इस अवैध कारोबार में शामिल हो गया। औषधि विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन दीपक के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्य एकत्रित करने के बाद न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

औषधि विभाग को सूचना मिली थी कि कॉलेज में दवाओं का बड़ा गोदाम संचालित हो रहा है। इसी सूचना के आधार पर मथुरा, फीरोजाबाद आदि जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर्स को आगरा बुला लिया गया। छापे के  दौरान कालेज के प्रिसिंपल विदुर सिंह ने शुरू में अनिभिज्ञता जाहिर की किंतु बाद में प्रिसिंपल ने स्वीकार किया वह भी इस काले कारोबार में शामिल था। कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल द्वारा यह दवाएं कालेज में स्टोर की जाती थीं। दवाओं का स्टोरेज करने के लिए प्रिंसिपल को 25 हजार रुपये माहवार मिलते थे। संभावना है कि प्रिसिंपल भी इस अवैध कारोबार में शामिल था, जिसके एवज में उसे 25 हजार रुपये दिए जाते थे। कॉलेज की प्रबंध समिति ने गेंद प्रिंसिपल के पाले में डाल दी है। प्रबंध समिति का कहना है कि प्रबंध समिति को इसकी कोई जानकारी नहीं थी, संभवत: यह कारोबार प्रिंसिपल द्वारा किया जा रहा था। दूसरी ओर चौकीदार का यह बयान कि कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ही इन दवाओं को लाने तथा ले जाने का काम करते थे, प्रबंध समिति के अध्यक्ष की संलिप्तता की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि पूरे मामले का खुलासा गहन जांच के बाद हो सकेगा किंतु कालेज में मिली लगभग दस लाख की कीमत की गुर्दा रोग की दवाएं व सेलाइन (ग्लूकोज) प्राचार्य तथा कालेज अध्यक्ष की दुरभि संधि की ओर इशारा कर रही हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों बल्केश्वर के लोहिया नगर में नशे की दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ा गया था।इस मामले में पुलिस द्वारा मुख्य सरगना पंकज गुप्ता की तलाश की जा रही है किंतु नशे की दवाओं का सौदागर पंकज गुप्ता अभी तक पुलिस के  हाथ नहीं लग सका है। एक समय था जब अवैध दवा के कारोबारी फुव्वारा के आस-पास स्थित मोहल्लों में किराए पर मकान लेकर गोदाम बना लेते थे किंतु उन संकरी गलियों में बड़े वाहनों के आवागमन में दिक्कत होने के कारण यह कारोबार पूरे शहर में फैल गया है। शिक्षा के मंदिर तक को गोदाम बनाना सिद्ध करता है कि अवैध दवा के कारोबारी किसी भी स्तर पर जाकर यह काला कारोबार संचालित कर रहे हैं।

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