February 26, 2021
आगरा कारोबार क्राइम ताजा

रामा ट्रेडर्स के मालिक की हत्या की सुपारी ली गई थी

  • कारोबारी के नौकर का नाम भी रामचंद होने के कारण सुपारी लेने वाले बदमाशों ने नौकर पर चला दी थी गोली
  • पड़ोसी दुकानदार ने ही दी थी हत्या की सुपारी, आज सुबह मुठभेड़ में पकड़े गए एक बदमाश ने किया पूरा खुलासा

आठ दिन पूर्व कालामहल के पास रामा टेडर्स के कर्मचारी रामचंद्र कुकरेजा को गोली मारी गई थी लेकिन यह गोली उसे धोखे से लगी थी। गोली रामचंद नहीं बल्कि उसने मालिक यानी रामा ट्रेडर्स के स्वामी को मारी जानी थी। गोली मारने के लिए सुपारी किलर हरिओम और उसका साथी आया था। छत्ता पुलिस के साथ मुठभेड़ में पकड़े जाने के बाद इस बात का खुलासा किया गया है।

गौरतलब है कि रामा ट्रेडर्स के स्वामी रामचंद्र छबाड़िया कॉस्मिेटिक के सामान के थोक कारोबारी हैं। उनकी दुकान में कमला नगर निवासी रामचंद्र कुकरेजा काम करता था। 13 फरवरी को कालामहल स्थित दुकान से घर जाने के दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उसे गोली मार दी थी। गोली उसके पेट में लगी थी। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। पुलिस ने उसके होश में आने के बाद जानकारी जुटाई तो उसने बताया कि वह दुकान को बंद करके कुछ दूरी पर ही आया था कि उसे गोली मार दी गई। उसकी जेब में मोबाइल रखा था। बस उसने ही उसकी जिंदगी बचा ली। गोली पहले मोबाइल से टकराई और फिर पेट में घुस गई। गोली अगर सीने में सीधे लग जाती तो स्थिति गंभीर होती। पुलिस ने जांच पड़ताल की। सीसीटीवी कैमरे में बदमाश नजर आए। पहचान मुकेश ठाकुर गैंग के सदस्यों की होनी लगी। पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी कि कैसे भी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। आज सुबह छत्ता पुलिस की मुठभेड़ में ठाकुर गैंग का सदस्य हरिओम बघेल पकड़ा गया। हरिओम ने उसे गोली मारी थी।

 पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह और उसका साथी रामचंद्र की सुपारी लेकर उसे मारने आए थे। आठ लाख रुपये में सुपारी दी गई थी, लेकिन वह रामचंद्र कुकरेजा के बजाय उसके मालिक रामचंद्र छबाड़िया की दी गई थी। सुपारी भी पास के एक दुकानदार ने दी थी। यह दुकानदार रामचंद्र ने दुश्मनी माने बैठा था। पिछले दिनों उसकी दुकान पर छापा पड़ा था। उसे इस बात का शक हो गया था कि रामचंद्र ने उसकी शिकायत कर छापा पड़वाया है।

पुलिस इस मामले में भी जांच पड़ताल कर रही है। सुपारी देने के मामले में पुलिस अब दुकानदार के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। पकड़े गए हरिओम से पूछताछ में इस बात का भी पता लगा है कि बदमाशों को नाम  को लेकर भ्रम हो गया था। रामचंद्र छबाडियां पहले ही दुकान से घर निकल गए थे।

रामचंद्र कुकरेजा ने दुकान बंद की थी। जैसे ही वह बाहर आया तो उसने किसी से पूछा कि जो बाहर आया, वह रामचंद्र हैं क्या? जैसे ही पता लगा कि युवक ही रामचंद्र है, उसने गोली चला दी। बाद में पता लगा था कि गोली गलत व्यक्ति को लग गई है। सुपारी देने वाला दुकानदार भी उसके घर के पास ही रहता है।

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