June 15, 2021
आगरा उत्तर प्रदेश ताजा

ऋषि अग्रवाल भाजपा से पदमुक्त

देर शाम भाजपा महानगर अध्यक्ष ने की कार्रवाई, नौकरानी के शोषण के मामले में जांच एएसपी को

खुद को दूसरा महानगर अध्यक्ष बताने का ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा महानगर के बड़बोले सह मीडिया प्रभारी ऋषि अग्रवाल उर्फ पिंटू को महानगर अध्यक्ष भानु महाजन ने तत्काल प्रभाव से पद के दायित्व से मुक्त कर दिया है। ऋषि अग्रवाल का यह ऑडियो कल पूरे दिन भाजपाइयों में चर्चा का विषय बना रहा।

नये समीकरण के 15 फरवरी के अंक में सह मीडिया प्रभारी ऋषि अग्रवाल के वायरल हुए ऑडियो की खबर प्रकाशित हुई थी। ऑडियो में जो कुछ ऋषि अग्रवाल द्वारा कहा गया था, उसे सुनकर भाजपा से जुड़े लोग अचंभित हो गए। ऑडियो में कुछ अधिकारियों का भी जिक्र था। हालांकि इस ऑडियो के वायरल होने के थोड़ी देर बाद ही ऋषि अग्रवाल ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। इस वीडियो में वह खुद को बेगुनाह बताते हुए वायरल ऑडियो में अपनी आवाज न होने का दावा कर रहा है।

वायरल ऑडियो की जानकारी धीरे-धीरे पूरी भाजपा में फैल गई। भाजपा के पदाधिकारी इसे अनुशासनहीनता की संज्ञा दे रहे थे। भाजपा के महानगर अध्यक्ष भानु महाजन ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुे देर शाम ऋषि अग्रवाल को सह मीडिया प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर दिया।भानु महाजन ने यह भी कहा कि संगठन स्तर पर एक समिति गठित कर इस पूरे प्रकरण की जांच भी करायी जाएगी।

ऋषि अग्रवाल का नाम तीन दिन पहले खुद की नौकरानी द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोप के बाद चर्चा में आया था। नौकरानी ने कमला नगर थाने में तहरीर दी थी। दो दिन तक रिपोर्ट दर्ज न होने पर नौकरानी बीते कल अपने परिजनों के साथ थाना हरीपर्वत पहुंचकर वहां मौजूद एसपी सिटी रोहन प्रमोद बोत्रे से मिली और अपनी पीड़ा बतायी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ऋषि अग्रवाल पक्ष द्वारा उस पर तहरीर वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उसे धमकी मिल रही है कि अगर तहरीर वापस नहीं ली तो उसके भाई को मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। एसपी सिटी ने मामले की जांच एएसपी को सौंप दी है और कहा है कि जल्द रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

ऋषि को कभी अफसरों के पास नहीं ले गया- भानु
भाजपा के महानगर अध्यक्ष भानु महाजन ने ऋषि अग्रवाल के इस कथन को झूठा बताया है कि वे उनके साथ अधिकारियों के पास गए थे और रसीदें काटी थीं। श्री महाजन ने कहा कि ऋषि को मीडिया संबंधी कार्य दिया गया था। उन्हें वे कभी भी किसी अधिकारी के पास लेकर नहीं गए। उनका यह कथन सर्वथा निराधार है।

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