February 25, 2021
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सिनेमाघरों को संजीवनी

  • अब मनोरंजन की फुल डोज, कोरोना ने थाम दिए थे दर्शकों के कदम
  • पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे आगरा के सिनेमाघर, जिला प्रशासन के आदेश
  • सिनेमाघर संचालक बोले, नई फिल्में और रिलीज हों तब मिलेगी पूरी राहत

पिछले 11 महीनों से महामारी की मार सह रहे सिनेमाघरों को आखिरकार संजीवनी मिल ही गई। जिला प्रशासन ने इन्हें पूरी क्षमता के साथ खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे सिनेमाघर संचालकों में खुशी तो है, लेकिन पूरी तरह नहीं। उनका कहना है कि दर्शक तभी आएंगे जब नई फिल्में रिलीज होंगी, इसलिए अभी इंतजार करना होगा।

कोरोना में सिमटी जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है, लेकिन सिनेमाघरों में अब भी सन्नाटे पसरे हुए थे। आगरा के सिनेमाघरों में लोगों के कदम पड़ना शुरू नहीं हुए थे। वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही फिल्में देखना पसंद कर रहे थे, लेकिन अब इसमें बदलाव आने की गुंजाइश है। दर्शक सिनेमाघरों का रुख कर सकते हैं, बशर्ते नई फिल्में भी रिलीज हों। इससे पहले जिला प्रशासन ने सिनेमाघरों को पूरी क्षमता के साथ खोलने के निर्देश जरूर जारी कर दिए हैं।

सिनेमाघर संचालक इसके लिए काफी समय से प्रयासरत थे। बता दें कि पिछले 11 महीने जब से कोरोना की एंट्री हुई है, सिनेमाघरों में नई फिल्में रिलीज नहीं हुई हैं। पहले तो यह बंद चल रहे थे, बाद में आधी क्षमता से खुलने की इजाजत मिली, लेकिन दर्शकों के कदम नहीं पड़े। नई फिल्में न तो बन रही थीं और न ही रिलीज हो रही थीं। जो फिल्में रिलीज हो भी रही थीं, वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आ रही थीं।

मनोरंजन की फुल डोज लेकर आया नया साल
2020 में ज्यादातर समय सिनेमाघरों के बंद रहने के बाद अब बॉलीवुड भी साल 2021 को दर्शकों के लिए बेहतर बनाने की तैयारी में जुट गया है। बताया जा रहा है कि इस साल कई बड़ी फिल्मों को सिनेमाघर में रिलीज किया जाएगा। साल भर में लगभग 22 फिल्में रिलीज होंगी। इनमें से कई फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म और इंटरनेट के साथ सिनेमाघरों में रिलीज होंगी।

850 सीटें, दर्शक 20 भी नहीं
अधिकांश सिनेमाघरों में 800 और 850 तक सीटिंग व्यवस्था है। एक सीट छोड़कर आधे दर्शक बिठाने की अनुमति है, लेकिन कोरोना से घबराए दर्शक फिल्में देखने नहीं आ रहे हैं। एक शो में 15-20 से ज्यादा दर्शक नहीं पहुंच रहे हैं। कोरोना के साथ दर्शकों के न आने की वजह पुरानी फिल्में दिखाया जाना भी है। कोई विकल्प न होने की वजह से सिनेमाघरों में अभी पुरानी फिल्में ही दिखाई जा रही हैं।

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