February 28, 2021
उत्तर प्रदेश कारोबार राष्ट्रीय

गन्ना बकाए का 97 फीसद हुआ भुगतान

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दावा किया है कि बसपा और सपा सरकार में बकाये के कारण किसानों के लिए कड़वे हुए गन्ने की मिठास अब लौट आई है। गन्ना बकाए का 97.07 फीसद भुगतान हो चुका है। विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक अब तक गन्ना बकाए का 97.07 फीसद (34847.60 करोड़ रुपए) का भुगतान हो चुका है। भुगतान की यह प्रक्रिया रोज जारी है। अत्याधुनिक नई मिलें, पुरानी मिलों की बढ़ी क्षमता, खांडसारी इकाईयां और एथनाल इसमें और मददगार साबित होने जा रही हैं। मालूम हो कि प्रदेश में गन्ना किसानों की बड़ी संख्या के नाते राजनीतिक रूप से यह बेहद संवेदनशील फसल है। गन्ना मूल्य के बकाये से लेकर पेराई न होना आदि बड़ा मुद्दा बन जाता है। मार्च-2017 में योगी सरकार के आने के पहले बकाया बड़ा मुद्दा था। सरकार ने आने के साथ ही पहला फोकस बकाये के भुगतान पर किया और रिकॉर्ड भुगतान भी किया।

गोरखपुर के पिपराइच, बस्ती के मुंडेरा और बागपत के रमाला में अत्याधुनिक और अधिक क्षमता की नई मिलें लगायी गयीं। उल्लेखनीय है कि बसपा और सपा शासन काल में 2007 से 2017 के दौरान बंद होने वाली 29 मिलों को देखते हुए नयी मिलों को खोलना और पुरानी मिलों का आधुनिकीकरण किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम रहा। स्थानीय स्तर पर गन्ने की पेराई हो, इसके लिए 25 साल बाद पहली बार किसी सरकार ने 100 घंटे के अंदर खांडसारी इकाईयों को आॅनलाइन लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था की। सरकार के अनुसार मौजूदा समय में 105 से अधिक इकाईयों को लाइसेंस निर्गत किया जा चुका है। इससे पेराई क्षमता में 27850 टीडीएस की वृद्धि हुई है। लोग गुड़ के गुण और स्वाद को जानें इसके लिए सरकार ने मुजफ्फरनगर में गुड़ महोत्सव का आयोजन किया गया।

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