February 26, 2021
आगरा राष्ट्रीय सेहत

खतरा कम हुआ पर टला नहीं

  • अप्रैल में आम लोगों को वैक्सीनेशन, तब तक ज्यादा सावधान रहना होगा
  • ताजनगरी में अब टोटल एक्टिव केस सिर्फ 25, एसएन मेडिकल खाली

कोरोना वायरस के नए मामलों में कमी आने का दौर वैसे तो दिसंबर से ही शुरू हो गया था, लेकिन नए साल के जनवरी महीने से इसमें लगातार कमी आ रही है। उसके बाद फरवरी का पहला सप्ताह और भी सुकून देने वाला साबित हुआ है। जनवरी की तुलना अगर फरवरी महीने से की जाए तो इसमें दोगुना से भी कम मामले सामने आए हैं। पिछले 11 महीने में पहली बार ऐसा हुआ है जब कोरोना का एक भी नया मामला नहीं आया है।

आगरा में अब कुल एक्टिव केस 25 रह गए हैं। रवि हॉस्पिटल में 03 मरीज भर्ती हैं, 22 होम आइसोलेशन में हैं, जबकि एसएन मेडिकल कॉलेज में अब 01 भी कोरोना का मरीज नहीं है। इस महीने तीन बार केवल एक ही नया मरीज आया, जबकि अधिकांश दिनों में नए मरीजों की संख्या दो रही। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अब भी ढिलाई न बरतने की बात कह रहा है, अधिकारियों की मानें तो खतरा कम हुआ है, लेकिन टला नहीं है। इसलिए अप्रैल के महीने तक जब आम लोगों का भी बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन शुरू नहीं होता हमें ज्यादा सावधान रहना चाहिए।

यह सबसे बड़ी राहत वाली खबर है। राहत की बात यह है कि वर्ष 2020 बुरे अनुभवों में रहा। लोगों की कोरोना से मौतें हुई, लेकिन नए साल में मौतें नहीं हो रही हैं। हालांकि फरवरी में भी कोरोना की वजह से एक मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार कोरोना वायरस के नए मामलों में भले ही कमी देखी जा रही हो लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। बताया गया कि जब तक कोरोना वायरस के वैक्सीनेशन का प्रोग्राम बड़े स्तर पर शुरू नहीं हो जाता है तथा लोगों को वैक्सीन लग नहीं जाती है, तब तक लोगों को कोरोना वायरस के महामारी से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। अभी भी भीड़ वाले इलाकों में जाने से लोगों को बचना चाहिए। सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। सेनेटाइजेशर, हैंड वॉश, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करना न छोड़ें।

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