March 3, 2021
आगरा इतिहास क्राइम ताजा सरकार

ये हैं वे 139 लोग जो प्रशासन के रडार पर हैं

प्रशासन द्वारा तैयार कराई गई सूची में रफीक, चंद्रभान, सुनील गुप्ता, सुभाष चंद्र, परवीन, विजेंद्र सिंह, शक्ति चैन, यश एडवोकेट व ममता पंवार, अनवर अली, महावीर पाइप स्टोर के रामनिवास गुप्ता, भूदेव, सुब्रतो बनर्जी, आईपी सिंह, ऊषा बंसल, विनय कुमार अग्रवाल, श्यामदास करीदा, राधा तिवारी, सुरेशचंद अग्रवाल, अनिल वासवानी, सुरेंद्र सिंह, पदम चंद, शिवशंकर शर्मा, अमित वर्मन, गुंजन अग्रवाल, मुरारीलाल जैन द्वारा निर्मित जैन मार्केट, अंगद वही, दिलीप कुमार, सुरेंद्र सिंह जैन, अनुरोध शर्मा, मधुसूदन वाले रिलायन्स सौरभ सिन्हा, निखिल गोयल, सुशील कुमार दुबे, भारत वाधवा, सुनील कुमार जैन, कमलेश, समुद्र सिंह, केके एन्टरप्राइजेज देवी कुलश्रेष्ठ, शेखर बंसल, अनिल, पंकज कुमार, राकेश अरोरा, सहजाद हुसैन, दिनकर बंसल, रामप्रकाश बंसल, अजय कुमार शर्मा, राकेश चौधरी, पंकज अग्रवाल, लता अग्रवाल, ओमप्रकाश, पारस ट्रेड मूवर्स, कमल आयल के विभव जैन व हेमचंद्र जैन, सुरेशराव, मुकेश मित्तल, मनोज अग्रवाल, जितेंद्र शैलेंद्र अग्रवाल, पातीराम कैटर्स के अजीत बंसल, नरेश वर्मा, आकाश बंसल, ब्रजमोहन, नरेश अग्रवाल, गीता रानी, आयुश बंसल, रविंद्र कुमार जैन, श्री गोपाल, जयप्रकाश, रवि शर्मा, मधु अग्रवाल, अशोक विधानी, राजू राठौर, प्रमोद कुमार गुप्ता, कमल गौतम, संजीव अग्रवाल, सतीश शर्मा, कुलदीप सिंह सेठी, माधुरी अग्रवाल, भारती देवी, दिव्या करीदा, स्नेहलता, शंकर लाल अंबरीश चंद गोयल, मनोज गोयल सहित 139 लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें से किसी के पास किराए पर तो किसी ने जमीन खरीदकर गोदाम, दुकान, होटल व कार्मिशियल कॉम्पलैक्स बना लिए हैं। जांच रिपोर्ट में लिखा गया है कि इनके द्वारा मौके पर कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गये।

जिला प्रशासन द्वारा जिन 139 लोगों के खिलाफ एफआईआर की बात कही जा रही है, ये इसी सूची के आधार पर ही कहा जा रहा है। हालांकि अभी एडीएम आतिथ्य की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी अभिलेखों की जांच में व्यस्त है। हालांकि यह तो सिविल न्यायालय ही तय कर पाएगा कि ये जमीन सरकारी है या किसी के स्वामित्व की। जिन्होंने न्यायालय के आदेश पर स्वामित्व हासिल किया है। इनमें से सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक जमीन का बड़ा हिस्सा सरकारी भी नहीं है पर इसके बावजूद 272 से अधिक पेजों की रिपोर्ट में इस जमीन को सरकारी मानते हुए कार्रवाई की बात कही जा रही है।

कई बहुमंजिला इमारतों पर तलवार
यदि जांच कमेटी की रिपोर्ट सही है तो आने वाले समय में कई बहुमंजिला इमारतों का अस्तित्व खतरे में आ सकता है। सरकार जमीन को खाली कराने के लिए इनको जमींदोज भी कर सकती है। जांच समिति द्वारा जिलाधिकारी को सौंपी रिपोर्ट में गाटा संख्या 1739 में ओपी चैन्स समूह का ओमकार अपार्टमेंट भी है, तो अशोक अग्रवाल का गोविंदा हाउसिंग भी है। मयूर अपार्टमेंट के सुनील अग्रवाल और विमल अग्रवाल के नाम भी इस रिपोर्ट में शामिल हैं। गाटा संख्या 2072 में अमित गोयल की अद्धनिर्मित बिल्डिंग और गाटा संख्या 2080 में आस्था सिटी सेंटर भी है। गाटा संख्या 2084 में श्रीजी आपर्टमेंट और गंभीरमल पांड्या कंपनी के निदेशक सुरेश कुमार द्वारा निर्मित रोज अपार्टमेंट, राजेंद्र जैन की टावर बिल्डिंग के नाम भी जांच रिपोर्ट में शामिल हैं। गाटा संख्या 2087 राजेंद्र जैन की बहुमंजिला टावर बिल्डिंग भी है।

नामदारों पर आंच
जांच रिपोर्ट में भौतिक सर्वे के बाद नेशनल चैंबर के अध्यक्ष राजीव कुमार अग्रवाल का नाम भी है, जिन्होंने गंभीरमल पांड्या से 45 वर्ष पूर्व गाटा संख्या 2087 में जमीन ली थी। इस पर उन्होंने गोदाम बना रखा है। इसी गाटे में बैद्यनाथ आयुर्वेदिक भवन प्राइवेट लिमिटेड का भी गोदाम है। यह ग्रुप झांसी का है और राजनीति में भी खासी पैठ रखता है। गाटा संख्या 1741 में कांग्रेस नेता शब्बीर अब्बास का पेट्रोल पंप है तो नित्यानंद शर्मा का पिनाहट फिलिंग स्टेशन गाटा संख्या 1739 में बना हुआ है। गाटा संख्या 280 में ध्रुव वशिष्ठ का यमुना आटोमोबाइल्स पेट्रोल पंप भी जांच समिति की रिपोर्ट शामिल है। इन सभी के बारे में रिपोर्ट में लिखा गया है कि इनके द्वारा कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गये।

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