June 15, 2021
आगरा ताजा पॉलिटिक्स शिक्षा

प्राचार्य पद के लिए रस्साकसी

  • आगरा कॉलेज में शिक्षकों के बीच अखाड़ेबाजी
  • वरिष्ठता सूची के प्रकाशन के बाद गहरायी शिक्षक राजनीति

आगरा कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर खींचतान जोरों पर है। इस खींचतान ने कॉलेज के शिक्षकों को कई गुटों में बांट दिया है। पूर्व प्राचार्य के नेतृत्व वाला एक गुट चाहता है कि गणित विभाग के एक वरिष्ठ शिक्षक को प्राचार्य बना दिया जाए। वहीं वर्तमान प्राचार्य के साथ जुड़े शिक्षकों का एक त्रिगुट प्राचार्य के पक्ष में लामबंदी में लगा हुआ है। ऐसे नाजुक समय में प्राचार्य द्वारा वरिष्ठता सूची में किए गए फेरबदल ने कॉलेज में शिक्षक राजनीति तेज कर दी है। प्राचार्य द्वारा वरिष्ठता सूची में एक शिक्षक को पहले से 17वें स्थान पर दर्शाया गया है। इस शिक्षक के साथ जुड़े शिक्षकों ने आयुक्त से पूरे मामले की शिकायत की है। बता दें कि प्राचार्य का कार्यकाल आगामी दिसंबर में समाप्त हो रहा है। इधर आयोग ने भी प्राचार्य पद के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया था, जिसमें कॉलेज के कई शिक्षकों ने परीक्षा दी है। इस परीक्षा के परिणाम के बाद साक्षात्कार अभी किए जाने हैं।

पता चला है कि प्राचार्य के साथ शिक्षकों की एक तिकड़ी इस पूरे फसाद की जड़ है। इस तिकड़ी से जुड़े एक शिक्षक की विजिलेंस की जांच चल रही है तो दूसरे के शैक्षिक प्रमाणपत्रों को लेकर कॉलेज में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। यह गुट वर्तमान प्राचार्य के करीब होने के कारण इनके पक्ष में लामबंदी में जुटा है। किसी और के प्राचार्य बनने की दशा में इस गुट के शिक्षकों को किसी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर एक पूर्व प्राचार्य का गुट है। इस गुट का पूर्व प्राचार्य के समय में कॉलेज में बोलबाला था। वर्तमान प्राचार्य द्वारा इस गुट से जुड़े शिक्षकों को कोई भाव न दिए जाने के कारण यह गुट प्राचार्य से खफा है। यह गुट गणित विभाग के एक वरिष्ठ शिक्षक को किसी भी तरह प्राचार्य के पद पर आसीन कराने की कोशिशों में है।

कॉलेज में पहले से ही इन दो गुटों में रस्साकसी चल रही थी। ऐसे समय में प्राचार्य ने कॉलेज के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी। 1997 की वरिष्ठता सूची में पहले स्थान पर दर्शाए राजनीति विज्ञान के एक शिक्षक को नयी सूची में 17वें स्थान पर दर्शाया गया है। यह शिक्षक भी प्राचार्य पद की लाइन में हैं। नयी वरिष्ठता सूची ने उनके दावे को ही समाप्त कर दिया है। इससे आहत होकर आॅगरा कालेज स्टाफ क्लब ने आयुक्त व राज्यपाल के यहां शिकायत की है। स्टाफ क्लब का कहना है कि नयी सूची में एकल स्थानांतरण से आए सभी शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति को नहीं दर्शाया गया है, जबकि पूर्व की सभी वरिष्ठता सूचियों में इसका जिक्र था। स्टाफ क्लब का यह भी आरोप है कि अंतिम सूची का प्रकाशन शिक्षकों से मिली आपित्तयों के निस्तारण के बाद किया जाता है। आरोप है प्राचार्य ने बिना आपत्तियां लिए ही सूची का प्रकाशन कर दिया है। इस बारे में बात करने पर प्राचार्य एसके मिश्रा ने कहा कि उन्होंने एक माह का समय आपत्तियों के लिए दिया है। जहां तक वरिष्ठता सूची में फेरबदल का सवाल है तो उन्होंने कॉलेज के नियमानुसार वरिष्ठता सूची बनायी है।

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