February 26, 2021
आगरा शिक्षा

विश्वविद्यालय ने किया प्रथम परिनियमावली का विमोचन

पूर्व कुलपति के समय में बनी थी संशोधन के लिए समिति

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रथम परिनियम में बीस साल बाद संशोधन किया गया है। हालांकि इस संशोधन के लिए समिति का गठन पूर्व कुलपति अरविंद दीक्षित के समय में हुआ था। दो साल बाद इस समिति की सिफारिशों पर विश्वविद्यालय के परिनियम एक में संशोधन किया गया।

गौरतलब है कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों का संचालन विश्वविद्यालय एक्ट, आर्डीनेंस तथा इंस्टीट्यूट के माध्यम से होता है। विश्वविद्यालय के एक्ट में संशोधन करने का अधिकार विश्वविद्यालय की कार्य परिषद को नहीं है। विश्वविद्यालय के एक्ट में संशोधन शासन द्वारा किया जा सकता है। आर्डिनेंस विश्वविद्यालय बनाता है किंतु आर्डिनेंस का एप्रूवल राजभवन द्वारा किया जाता है।

इंस्टीट्यूट में समय-समय पर शासन द्वारा दिए गए आदेशों को संग्रहित किया जाता है। पिछले बीस साल से इस इंस्टीट्यूट की बुक में कोई बदलाव नहीं हुआ था। पिछले कुलपति ने इंस्टीट्यूट में संशोधन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनायी थी। दो साल तक इस समिति ने समय लेकर विभिन्न शासनादेश का अध्ययन कर उन्हें इंस्टीट्यूट में शामिल करने की संस्तुति की थी। समिति ने प्रथम इंस्टीट्यूट 1977 में प्रकाशित संग्रह का संपादन कर नए शासनादेशों को उसमें शामिल किया। संशोधन के बाद इस प्रथम इंस्टीट्यूट की बुक को मुद्रित कराया गया। बुधवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में इस प्रथम परिनियमावली का विमोचन किया गया।

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