February 28, 2021
Trending आगरा सेहत

10 महीने से था इंतजार, अब बेरुखी क्यों?

कोई साइड इफेक्ट नहीं है, फिर भी लोग झिझक रहे हैं। जिले में कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान लगातार जारी है, लेकिन पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन लगवाने सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसे में वैक्सीन की खुराक भी बर्बाद जा रही हैं। जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइक्रोबैक्टीरियल संस्थान के केंद्र पर कोवैक्सीन लगाई गई। एक बाइल खोली गई, लेकिन 10 स्वास्थ्य कर्मी ही आए। इससे 10 खुराक बर्बाद हो गयी। स्वास्थ्य अधिकारी भी समझ नहीं पा रहे हैं कि जिन स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना से अग्रिम मोर्चे की लड़ाई लड़ी, 10 महीने से जिस वैक्सीन का इंतजार कर रहे थे, वे अब बेरुखी क्यों दिखा रहे हैं। हालांकि इसके पीछे झिझक भी है और कुछ मामलों में मैसेज या फोन कॉल न पहुंच पाना भी कारण है।

देश भर के साथ ही ताजनगरी में भी 16 जनवरी से वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ था। पहले और दूसरे राउंड में अब तक कई सत्र हो चुके हैं, लेकिन टीकाकरण कराने वालों का फीसद 50 के पास भी नहीं पहुंचा है। कई सत्रों में अब तक कुल 44005 लोगों को टीकाकरण के लिए सूचना भेजी गई थी, लेकिन 18074 लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है। बाकी 25931 स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स टीकाकरण के लिए सामने नहीं आए हैं। यह हैरान करने वाली तस्वीर है। टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा मॉप अप राउंड 15 फरवरी यानि कल आयोजित किया गया था।

मॉप अप राउंड में 7928 लोग बुलाए गए, 1785 ही आए, अब तक 44005 में से 18074 लोगों ने कराया टीकाकरण

इसमें 7928 लोगों को टीकाकरण के लिए बुलाया गया था, लेकिन 1785 लोग ही आए। मॉप अप राउंड में भी 6143 लोगों ने बेरुखी दिखाई। ऐसा तब है जब अब तक जिन 18074 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है, उनमें से हल्के बुखार, थकान या कमजोरी के अलावा कोई भी बड़ा साइड इफेक्ट देखने में नहीं आया है। जिले में कोई एईएफआई भी दर्ज नहीं हुई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार समझाने में लगे हुए हैं कि वैक्सीन एकदम सुरक्षित है, इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। वहीं शहर के जो प्रतिष्ठित डॉक्टर पहले वैक्सीन लगवा चुके हैं, वे लगातार बता रहे हैं कि टीका लगवाने के बाद कुछ भी नहीं हुआ बल्कि वे खुद को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पहले की तरह ही अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।

टीकाकरण के अब तक के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 16 जनवरी को 600 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 361 ही आए, 22 जनवरी को 3692 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 1907 ही आए, 28 जनवरी को 7884 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 4650 ही आए, 29 जनवरी को 4123 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 2367 ही आए, 04 फरवरी को 4119 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 2397 ही आए, 05 फरवरी को 3574 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 1933 ही आए, 11 फरवरी को 6082 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 2392 ही आए, 12 फरवरी को 6003 लोगों को बुलाया गया, लेकिन 2067 लोग ही वैक्सीन लगवाने आगे आए।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *