March 3, 2021
आगरा क्राइम नगर निगम

घटवासन उजाड़ पाएगा प्रशासन?

प्रशासनिक कमेटी की जांच में घटवासन में नगर निगम की सात हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जे होने का तथ्य उजागर होना कोई नई बात नहीं है। यह तथ्य तो बहुत पहले सामने आ चुका था कि घटनावसन में नगर निगम की सैकड़ों करोड़ की जमीन पर अवैध रूप से कब्जे कर मकान बना लिए गए हैं। इच्छाशक्ति की कमी के चलते नगर निगम प्रशासन इस भूमि को कब्जा मुक्त नहीं करा पाया। मौजूदा नगरायुक्त निखिल टीकाराम फुंडे ने अब इसकी पहल शुरू की है। देखना यह है कि नगर निगम अपनी जमीन खाली करा पाता है या नहीं। इसकी वजह यह है कि सैकड़ों मकानों को तोड़ने की बात आएगी तो बवाल होना भी तय है।

घटवासन क्षेत्र कमला नगर से शुरू होकर बल्केश्वर की ओर जाता है। यहीं पर है नगर निगम की सात हेक्टेयर जमीन। प्रशासन ने हाल ही में एक कमेटी बनाकर इस क्षेत्र की जमीन की जांच कराई तो यह तथ्य सामने आया कि सैकड़ों करोड़ रुपये कीमत की नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। लोगों ने मकान ही नहीं, व्यावसायिक निर्माण भी कर लिए हैं। हकीकत यह है कि यह जमीन नगर निगम की है, इसकी जानकारी लगभग तीन दशक पहले से नगर निगम को है।

नगर निगम को पिछले तीन दशक पहले से मालूम है कि ये जमीन उसकी है, फिर भी होने दिए अवैध कब्जे

समय-समय पर नगर निगम के सदन में इस जमीन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अवैध कब्जे हटाकर जमीन नगर निगम द्वारा अपने कब्जे में लेने की बातें होती रही हैं, लेकिन जमीन पर जिस तरह के पक्के ढांचे बन चुके हैं, उसमें नगर निगम के अधिकारियों की हिम्मत ही नहीं हुई कि इस दिशा में पहल करें। जब कभी प्रयास किए भी गए तो राजनीतिक विरोध आड़े आ गया। दो दशक पहले ही नगर निगम ने पहल की होती तो बहुत सारी जमीन पर उसका कब्जा होता क्योंकि तब बहुत सारी जमीन खाली पड़ी हुई थी। दो दशक की अवधि में लगभग पूरी जमीन पर अवैध कब्जे हो चुके हैं।

जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद नगर आयुक्त को निर्देशित किया है कि वे अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करा लें। नगर आयुक्त ने इस दिशा में पहल शुरू की है। नगर निगम के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकर कार्ययोजना भी बनाई है, लेकिन सवाल वही उठ रहा है कि क्या निगम प्रशासन राजनीतिक विरोध को दरकिनार कर इस जमीन को अपने कब्जे में ले पाएगा। इसके लिए नगर निगम को सैकड़ों मकान तोड़ने पड़ेंगे।

तो नगर निगम ने घटवासन में विकास कार्य क्यों कराए?
क्या अब तक नगर निगम सो रहा था। मैं पूरी तरह से जनता के साथ हूं। नगर निगम 1990 से यही दावा कर रहा है। अगर यह जमीन नगर निगम की है तो नगर निगम ने इस क्षेत्र में नालियां, बिजली के खंभे और सड़कों का निर्माण क्यों किया? जब नगर निगम के द्वारा ही विकास कार्य कराए जा रहे हैं तो कब्जे की बात कहां से आ गई। यदि यह जमीन घटवासन की है तो नगर निगम को इस क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराए जाने चाहिए थे। बल्कि यहां नगर निगम की तरफ से बोर्ड लगा होना चाहिए था, जिससे यहां घनी आबादी नहीं होती। लोगों ने जमीन खरीदी हैं। रजिस्ट्री है उनके पास। अधिकतर मकान 50 से 60 गज के हैं। वैसे ही इस समय जनता पर कोरोना की मार रही है ऐसे में नगर निगम लोगों को घरों से भी निकाल देगा। अगर नहीं माने तो मैं जनता के साथ धरना दूंगा। – रवि शर्मा, पार्षद, घटवासन

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