March 3, 2021
अन्य आगरा क्राइम

निर्दोष दंपति ने पांच वर्ष जेल में काटे, अब रिहा – क्या विवेचक को किए की सजा मिलेगी?

  • कोर्ट का फैसला आते ही दंपति की आंखों में आए आंसू
  • अभी गांव जाने को मन नहीं, पहले असली कातिल पकड़े जाएं
  • कोर्ट ने की है विवेचक के खिलाफ कड़ी टिप्पणी

वे बेगुनाह थे। चीख-चीख कर अपनी बेगुनाही बता रहे थे। पुलिस के सामने रोये, गिड़गिड़ाए, कसमें खायीं किंतु पुलिस ने एक न सुनी। पड़ोसी के बच्चे की हत्या में उनको चार्जशीट लगाकर जेल भेज दिया। उनके बच्चे भी उनसे दूर हो गए। जेल के पांच सालों में एक भी रात ऐसी नहीं बीती जब उनकी बेगुनाही उनकी आंखों से आंसू बनकर बाहर न आयी हो। अपने छोटे बच्चों से बिछड़ने का गम, खुद पर लगा जघन्य हत्या का आरोप और लोकलाज का भय उन्हें हरपल सालता रहा। अब जब न्यायालय ने उनको हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया तो भी गांव जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। क्या वह विवेचक दोषी नहीं, जिसने शीघ्र गुड वर्क दिखाने की कोशिश में असली हत्यारे को छोड़ उन्हें जेल भिजवा दिया? कौन देगा उनके पांच सालों का हिसाब? कोर्ट ने विवेचक पर सवाल उठाकर एसएसपी को पत्र भी लिखा है। सवाल यह है कि क्या पुलिस कप्तान विवेचक को उसकी लापरवाही की सजा देंगे?

हम बात कर रहे हैं बाह के जरार गांव निवासी नरेंद्र और उनकी पत्नी नजमा की जिन्हें 2015 में पुलिस ने एक पड़ोसी बच्चे की हत्या के आरोप में चार्जशीट लगाकर जेल भेज दिया। दरअसल बाह के जरार गांव के रहने वाले योगेंद्र सिंह का पांच साल का बेटा रंजीत सिंह उर्फ चुन्ना एक सितंबर 2015 को अपनी मां श्वेता से दुकान पर जाने की कहकर गया था, फिर वह लौटकर नहीं आया।  उसकी खूब तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन कोतवाल धर्मशाला के पास ब्रह्मचारी गुप्ता के बंद मकान में उसका रक्तरंजित शव मिला। योगेंद्र सिंह ने मोहल्ला मस्जिद निवासी नरेंद्र सिंह और उसकी पत्नी नजमा पर आरोप लगाया कि उनसे विवाद हुआ था। दोनों ने उसे धमकी दी थी। मुकदमे के विवचेक से दोनों पति-पत्नी कहते रहे कि वह निर्दोष हैं, एक बार पूरी जांच कर लें। लेकिन पुलिस पर दबाब था तो उन्हें ही दोषी बनाकर जेल भेज दिया।

एसएसपी – बबलू कुमार

एसएसपी बोले- विवेचक पर केस दर्ज होगा

कोर्ट ने दोनों को हत्याकांड के मामले में निर्दाेष माना। वहीं एसएसपी को पत्र लिखा है कि इस मामले में जो भी विवेचक रहे हैं, उनकी भूमिका की जांच कराई जाए और उन सभी पर कार्रवाई की जाए। चूंकि उन्होंने दो निर्दोष लोगों के जीवन में पांच वर्ष खराब किए हैं। विवेचक अगर निष्पक्ष जांच करते तो शायद असली कातिल को पकड़ लेते। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि कोर्ट के आदेश का पालन किया जायेगा। मुकदमे में अब तक जो भी विवेचक रहे हैं, सभी की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा।

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